जोधपुर।
पुलवामा आतंकी हमले के बाद पहली बार जोधपुर पहुंची थार लिंक एक्सप्रेस का नजारा कुछ अलग था। सुरक्षाबल अतिरिक्त सतर्क थे तो यात्रियों के चेहरे पर भी खौफ का मंजर देखा जा रहा था। 424 यात्रिकों को लेकर पहुंची थार में अधिकांश यात्री अमन पसंद ही दिखे। दोनों तरफ प्रेम से रहने की बात कई यात्रियों ने दोहराई भारत-पाक के बीच चलने वाली थार लिंक एक्सप्रेस रविवार को अलसुबह जोधपुर के भगत की कोठी उपनगरीय रेलवे स्टेशन पहुंची। आतंकी हमले के बाद पहली बार जोधपुर पहुंची टे्रन में यात्रियों की संख्या पर कोई खास असर नहीं दिखा।
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कडे सुरक्षा प्रबंध
देश की अन्तरराष्ट्रीय ट्रेन होने के नाते ट्रेन की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था थी। पुलवामा हमले के बाद थार की सुरक्षा लेकर सुरक्षा एजेन्सियां ज्यादा सतर्क थी। हमले के कारण फेरे का सुरक्षा कड़ा किया गया। सुरक्षा एजेंसियों के साथ स्थानीय पुलिस प्रशासन, रेलवे प्रशासन भी सक्रिय था। पुलिस विभाग के आला अधिकारी प्लेटफ ॉर्म का लगातार अवलोकन कर रहे थे। थार से आने वाले यात्रियों को लेने आए परिजनों को बाहर ही रोका गया था । इसके अलावा रेलवे स्टेशन पर अन्य ट्रेनों से जाने वाले यात्रियों को ही रेलवे स्टेशन के अंदर प्लेटफ ॉर्म पर प्रवेश दिया जा रहा था जबकि उनके साथ आने वाले परिजनों को बाहर ही रोक दिया गया था।
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मैं परिवार सहित मुम्बई पीर साहब के यहां जा रहा हूं। शांति इंसान के अंदर होती है और वह शांत नहीं रहे तो छोटी बात भी बड़ी बन जाती है। हम यही चाहते है कि दोनों देशों के लोग शांति से रहे और भाईचारा बना रहे।
हुसैन, कराची निवासी
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दोनों देशों के लोग अच्छे है, माहोल अच्छा है। मैं अपने परिवार सहित हरिद्वार जाने के लिए आया हूं। यहां मेरी बहनें व रिश्तेदार रहते है।
लालूमल, सिंध निवासी
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मैं अपने रिश्तेदार से मिलने पाकिस्तान गया था। वहां भी अच्छे लोग है। हम यहां रहते है यहां का माहोल अच्छा लगता है, वहां भी अच्छा माहोल है लोग शांति से रहते है।
अब्दुल रहमान, धवां गांव निवासी
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