लवेरा बावड़ी (जोधपुर) . जिले के बावड़ी उपखण्ड क्षेत्र के बिराई के धनवतरि उद्यान में लगे विभिन्न किस्मों के बेर के साथ ही वैद्य खींवराज परिहार अब थाई एप्पल किस्म के बेर पर भाग्य आजमा रहे हैं।
यूं तो यह उद्यान बेरों की विभिन्न किस्मों को लेकर राष्ट्रीय व राज्य स्तर पर कहीं बार पुरस्कृत हो चुका हैं। पिता वैद्य गोपीकिशन परिहार के पदचिह्नों पर चलते हुए काम को आगे बढ़ा रहे हैं। उद्यान में करीब डेढ़ सौ थाई एप्पल के पौधे लगाए गए हैं और महज एक फीट के पौधे पर बेर लगने शुरू हो गए हैं। परिहार कहना है कि बेर की साइज सेव के आकार की होगी जो वजन में करीब 50 से 60 ग्राम का होगा।
बेर की अन्य किस्मों में सनोरी, इलायची, उमरान, केतकी, मुरहारा, मूण्डीया के साथ ही 12 किस्मों के बेर हैं। बिराई के उबड़ खाबड़ व पथरीली जमीन पर 1989 से पहले पिता वैद्य गोपीकिशन परिहार खेती करते रहे थे लेकिन उस समय कृषि विभाग विस्तार से सलाह प्रेरणा लेते थे। इसके बाद उद्यान विभाग ने उन्हें प्रोत्साहित किया था। करीब 30 बीघा जमीन पर फार्म विकसित किया था। अब उनके पुत्र वैद्य खींवराज भी इस मुहिम मे जुटे हुए हैं। खींवराज बताते हैं। की देश-विदेश की करीब दो सौ हस्तियों ने इस फार्म का भ्रमण किया हैं। पिता के दिए टिप्स में वे पथरी का इलाज भी कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री गहलोत का लगाव
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का भी लगाव रहा हैं। वे भी इस उद्यान के बेर का स्वाद चख चुके हैं।
अनूठी हैं मिर्च
उद्यान में लगे मिर्ची के पौधों पर लगी मिर्ची जो अमूमन नीचे की ओर झुकी रहती हैं लेकिन पूसा सदाबहार ऊपर की ओर बढ़ती हैं। जो अपने आप में अलग ही लगती हैं। उद्यान में तेन्दु के पेड़ के साथ ही औषधीय पौधे भी लगे हुए हैं।
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