बटाईदार का पेच फंसा भुगतान रोका तो होगा आंदोलन

पोस्ट पसंद आये तो लाइक जरुर करे ?

बिलाड़ा. भारतीय किसान संघ के बैनर तले एकत्र हुए किसानों ने चेतावनी दी है कि बटाईदार का पेच फंसा यदि सरकारी समर्थन मूल्य पर खरीद का भुगतान रोका तो आंदोलन किया जाएगा।

 

आंदोलन की रणनीति पर चर्चा के लिए भारतीय किसान संघ की गुरुवार को अध्यक्ष गाइडराम चौधरी की मौजूदगी में बैठक हुई। जहां किसानों ने निर्णय लिया कि राजफैड ने अपना रवैया नहीं बदला और, बटाईदार अनुबंध का पेच फंसा कर किसानों का चुकारा रोक लिया तो सैकड़ों किसान आंदोलन पर उतर जाएंगे। इसी संदर्भ में किसानों ने कृषि मंत्री और मुख्यमंत्री को ज्ञापन भी भेजा
है।

 

समर्थित मूल्य पर राजफैड को मुंग तूलवाना न केवल किसानों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है बल्कि तुलाई कराने वाली कार्य एजेंसियां भी राजफैड के रवैये से भी परेशान है। 50 करोड़ के खरीदे गए मूंग के एवज में अब तक मात्र 15 करोड़ का भुगतान ही हुआ है।

 

अब जब मूंग की तुलाई 10 जनवरी तक ही होनी है, तो एकाएक राजफैड के अधिकारी ने आदेश जारी कर कहा कि खेत मालिक एवं बटाईदार किसान के बीच जून-जुलाई माह में लिखा अनुबंध प्रस्तुत किया जाए। राजफैड के इस पेच के चलते उन किसानों को भुगतान की चिंता सताने लगी है, जिन्होंने मूंग तुलाई के लिए जून-जुलाई के बाद के अनुबंध पत्र प्रस्तुत किए हैं। ऐसे सैकड़ों किसान अपनी मूंग की उपज तुलाई करवा चुके हैं।

 

खुले में पड़ा हजारों बोरी मूंग

रजिस्ट्रेशन करा चुके किसानों का मूंग समय पर तुल सके, इसके लिए मार्केटिंग सोसायटी की ही तरह सहकारी समिति को भी तुलाई की व्यवस्था सौंपी और संस्था मूंग तुलवा रही है, लेकिन तुला हुआ हजारों मोरी मूंग समय रहते गोदामों में नहीं पहुंच पाने से खुले में पड़ा है। गुरुवार को मंडी यार्ड में अलग-अलग स्थानों पर 40 हजार बैग मूंग से भरे पड़े थे। कई ट्रकों में भी लदान किया पड़ा है। ट्रांसपोर्टर ओमप्रकाश खदाव के अनुसार मेड़ता , पीपाड़, जैतारण, बिलाड़ा, वेयर हाउस के सारे गोदाम भर चुके हैं। गुरुवार को सोजतरोड का गोदाम मिला है। वहां मूंग ले जाया जाएगा।



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal http://bit.ly/2CLU3Bi
Share on Google Plus

About Atul

This is a short description in the author block about the author. You edit it by entering text in the "Biographical Info" field in the user admin panel.

0 comments:

Post a Comment