बोरुन्दा (जोधपुर). राजस्थानी साहित्यकार पद्मश्री विजयदान देथा बिज्जी की कहानी ‘मूंछ-मूंछ का अंतर’ पर पर बनी राजस्थानी लघु फिल्म का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चयन हुआ है। यह अमरीका के न्यूयॉर्क फिल्म फेस्टिवल में दिखाई जाएगी, साथ ही इसी फेस्टिवल के लिए नामित भी हुई है।
सबल प्रोडक्शंस के बायोग्राफी डायरेक्टर व फिल्म निर्माता महेन्द्रदान देथा ने बताया कि 14 से 16 जून को अमरीका में होने वाले अंतराष्ट्रीय न्यूयॉर्क फिल्म फेस्टिवल आइएनवायएफएफ स्क्रीनिंग, डिस्ट्रीब्यूशन व अवार्ड फेस्टिवल में विजयदान देथा की राजस्थानी भाषा, लोक कला व संस्कृति के ग्रामीण परिवेश से ओत-प्रोत फिल्म ‘मूंछ-मूंछ का अंतर’ प्रदर्शित होगी।
देथा ने बताया कि फिल्म की कहानी ग्रामीण परिवेश के लोगों में बात के धनी और जुबान के पक्के होने पर केन्द्रित है। इसमें बताया गया है कि एक मूंछ के बाल की हैसियत कितनी होती है। आकांक्षा गोस्वामी के निर्देशन में बनी इस लघु फिल्म की मुख्य भूमिका में नूर अली अंसारी के अतिरिक्त जयरुप जीवन एवं अक्षित शोबती के कुशल अभिनय ने दर्शकों के दिलों को गहराई तक छूने का सफल प्रयास किया गया है। सबल प्रॉडक्शन के बैनर तले खुशी का पश्चाताप, पुश्तैनी तलवार, मूंछ-मूंछ का अंतर, मंै पड़ी चुल्हे में, हवाई झगड़ा सहित आधा दर्जन लघु कथाओं पर लघु फिल्में बन चुकी है।
ग्रामीणों में खुशी की लहर
फिल्म न्यूयार्क में प्रदर्शित होने व फिल्म फेस्टिवल में नामित होने की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों ने एक दूसरे का मुंह मीठा करवाते हुए एक दूसरे को बधाई दी। इस दौरान सरपंच नरेन्द्र दान देथा, श्री सबल संस्थान के व्यवस्थापक लक्ष्मणसिंह देवल, प्राचार्या डॉ. सन्तोष शर्मा, वार्डपंच रामसिंह, रामकरण देथा, मोहनसिंह सान्दु, छोटुराम जुरीया, मोहनसिंह राठौड़, स्वीटी वशिष्ठ, मंजुलता हर्ष, आशा शर्मा, रफीक मोहम्मद, राजेन्द्र शर्मा, देवेन्द्रसिंह देवल, सुगनाराम सहित कई ग्रामीणों बधाई दी।
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