गजेंद्र सिंह दहिया/ जोधपुर. देश के आतंकवाद निरोधक दस्ते राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) के ब्लैक कैट कमाण्डो ने वायुसेना की स्पेशल फोर्स के गरुड़ कमाण्डो के साथ मिल चार दिन तक जोधपुर में एंटी हाईजेकिंग ऑपरेशन को अंजाम दिया। पूरा ऑपरेशन एयरफोर्स क्षेत्र में हुआ, जहां एमआई-17 हेलीकॉप्टर से विभिन्न तरह के एयरबोर्न ऑपरेशन किए गए। इस दौरान विशेष तरह के हथियार और डिवाइसेज का प्रयोग किया गया। विशेषकर हेलीबोर्न डिवाइसेज से आतंकवादियों के विरुद्ध सटीक रणनीति बनाकर रेस्क्यू ऑपरेशन किए गए। एनएसजी की ओर से एयरफोर्स के साथ 21 से 24 दिसम्बर तक एंटी हाईजेकिंग एक्सरसाइज का आयोजन किया गया। इसके लिए दिल्ली से करीब 25 एनएसजी अधिकारी आए।
चार दिन तक एयरफोर्स के साथ हाईजेकिंग परिस्थितियों में ऑपरेशन किए गए। इसके लिए रन-वे पर सिविल एयरक्राफ्ट के हाइजैक के समय की गई कार्रवाई के अलावा शत्रु सीमा में आतंकवादियों के बैस पर हमले की रणनीति बनाई गई। आतंकवादियों के बैस पर सीधा हेलीकॉप्टर से उतरकर हमला करने की योजना व समझ एक दूसरे के साथ साझा की गई। हमले के दौरान ब्लैक कैट कमाण्डो और गरुड़ कमाण्डो ने आतंकवादियों के समक्ष आधुनिक हथियारों से हमला करने का भी अभ्यास किया।
दोनों के बीच हो रखा है एमओयू
एनएसजी और एयरफोर्स देश में विभिन्न स्थानों पर इस तरह के अभ्यास करती रहती है। एनएसजी ने एयरफोर्स के साथ एक एमओयू भी हस्ताक्षर कर रखा है। जिसके अनुसार आतंकवाद विरोधी जैसी कार्रवाइयों में एयरफोर्स अपने हेलीकॉप्टर एनएसजी को मुहैया करवाएगी।
क्या है एनएसजी
एनएसजी की स्थापना 1984 में हुई थी। यह देश की सर्वप्रमुख एंटी टेरेरिस्ट फोर्स है। 26 नवम्बर 2008 को मुंबई में दस आतंकियों के हमले के समय एनएसजी का बड़ा ऑपरेशन देखने को मिला। इसका मुख्यालय दिल्ली में है। इसमें आर्मी के अलावा पैरामिलिट्री फोर्सेज के जवान प्रतिनियुक्ति पर लिए जाते हैं।
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