अविनाश केवलिया/जोधपुर. जोधपुर-नागौर राष्ट्रीय राजमार्ग को फोरलेन के रूप में चौड़ा करने के साथ ओवरब्रिज भी खड़े किए गए। लेकिन इनमें से एक ओवरब्रिज सैन्य क्षेत्र के करीब होने के कारण राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बन गया। इस ओवरब्रिज पर सेना की आपत्ति के बाद से आवागमन शुरू ही नहीं किया गया। हालांकि अब सुरक्षा ढांचा तैयार कर शुरू करने का दावा किया जा रहा है।
फोरलेन प्रोजेक्ट के दो चरण पूरे हो चुके हैं। पहले चरण में यह तीन ओवरब्रिज और 28 किलोमीटर की सडक़ का निर्माण हुआ। फोरलेन पर यातायात पूरी तरह से शुरू हो चुका है। लेकिन एक ओवरब्रिज जो कि करवड़ के समीप है वह अब तक शुरू नहीं हो सका है। इसके बनने से पहले न तो सेना की ओर से आपत्ति आई और न ही एनएच विंग ने कोई जांच पड़ताल की। जब ओवरब्रिज बन गया तो सेना की आपत्ति आई और यातायात बंद कर डायवर्जन दिया गया है।
आपत्ति की वजह गोदाम
इस ओवरब्रिज के आस-पास सेना के कई गोदाम है। जहां आपत्ति यह की गई कि ओवरब्रिज के ऊपर से इन सैन्य क्षेत्र को किसी प्रकार का नुकसान पहुंचाया जा सकता है।
अब यह करेंगे समाधान
ओवरब्रिज के ऊपर दोनों ओर 10-15 फीट तक का सुरक्षा ढांचा बनाया जाएगा। इसका एक सैम्पल एनएच विंग ने बनाया है। सेना को दिखाकर अप्रूवल लेना बाकी है। इसके बाद ओवरब्रिज पर यह ढांचा पूरा लगेगा। इसमें एक माह का समय लग सकता है।
इस प्रकार है पहले चरण का प्रोजेक्ट
- 359 करोड़ प्रोजेक्ट कोस्ट (भू-अधिग्रहण सहित)। - 184 सिविल कोस्ट सडक़ निर्माण की
- 28.5 किलोमीटर इस प्रोजेक्ट पर फोरलेन की लम्बाई
- 10 करोड़ से अधिक एक ओवरब्रिज पर खर्च आया
- 03 ओवरब्रिज बने हैं इस प्रोजेक्ट सडक़ पर
इनका कहना है
इस ओवरब्रिज को शुरू करना था लेकिन सैन्य क्षेत्र की आपत्ति के बाद इसके ऊपर सुरक्षा फ्रेमिंग का काम चल रहा है। जल्द काम पूरा करवा कर इसे शुरू करवा दिया जाएगा।
- जे.आर. जीनगर, अधीक्षण अभियंता, सार्वजनिक निर्माण विभाग, राष्ट्रीय उच्च मार्ग खंड, जोधपुर
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