इस कमेटी ने बिना पर्यावरण विशेषज्ञ के खानधारकों को जारी कर दी स्वीकृति, यूं लटक सकती है खनन कार्यों पर तलवार

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अमित दवेजोधपुर. राज्य सरकार की ओर से गठित डिस्ट्रिक्ट एनवायरमेंट इंपेक्ट एसेसमेंट ऑथोरिटी (डिया) कमेटी की बहुत बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। इस ‘डिया’ कमेटी ने पर्यावरण विशेषज्ञ के बिना ही खानधारकों को पर्यावरण स्वीकृति जारी कर दी। इस पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने गत 11 दिसम्बर को सख्त नाराजगी जताते हुए ‘डिया’ कमेटी की ओर से जारी की जाने वाली पर्यावरण स्वीकृति पर तुरन्त प्रभाव से रोक लगा दी है। जिले में विभिन्न क्षेत्रों में खनन कार्य के लिए पर्यावरण स्वीकृति लेना अनिवार्य होता है। जिला स्तर पर यह पर्यावरण स्वीकृति सरकार की ओर से गठित ‘डिया’ जारी करती है, लेकिन ‘डिया’ कमेटी ने ही नियमों की पालना नहीं की। जबकि इस कमेटी में जिला कलेक्टर अध्यक्ष व खनन, पर्यावरण, वन, सिंचाई व राजस्व आदि विभागों के अधिकारी शामिल होते हैं। कमेटी की ओर से पर्यावरण विशेषज्ञ की भूमिका महत्वपूर्ण होती है लेकिन इस ‘डिया’ कमेटी में पर्यावरण विशेषज्ञ को शामिल ही नहीं किया गया। जिले में करीब 12 हजार क्वारी लाइसेंस (छोटी खानें, जो 1 हैक्टेयर से कम क्षेत्र में विकसित हो) चल रही है।

नहीं होगी नई पर्यावरण स्वीकृति जारी
एनजीटी के आदेश के बाद जिले में अब खानधारकों को आगामी आदेश तक नई पर्यावरण स्वीकृति जारी नहीं की जाएगी। इससे खानधारकों की परेशानियां बढ़ जाएगी। साथ ही, खनन कार्य प्रभावित होगा व बिना पर्यावरण स्वीकृति जारी कराए खनन कार्य अवैध माना जाएगा। ऐसे में खनन कार्यों पर भी तलवार लटक जाएगी।


अब ‘सिया’ व केन्द्रीय वन मंत्रालय से ले सकेंगे पर्यावरण स्वीकृति

एनजीटी द्वारा ‘डिया’ कमेटी पर पर्यावरण स्वीकृति जारी करने पर रोक के बाद जिले के खानधारकों के सामने संकट आ गया है। खानधारकों को अब पर्यावरण स्वीकृति के लिए जयपुर पर निर्भर रहना पड़ेगा। जहां स्टेट लेवल एनवायरमेंट इंपेक्ट एसेसमेंट ऑथोरिटी (सिया) कमेटी पर्यावरण स्वीकृति जारी करेगी। ऐसे में, यहां पर पर्यावरण स्वीकृति देरी से जारी होंगी। इसके अलावा, नई दिल्ली स्थित केन्द्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय की ओर से पर्यावरण स्वीकृति जारी की जाती है।

पर्यावरण स्वीकृति की ये शर्ते भी होंगी प्रभावित
- खनन पट्टों में हवा-पानी की मॉनिटरिंग की जांच नहीं होंगी।
- खनन के दौरान क्षेत्र के हवा की क्वालिटी की जांच प्रभावित होंगी।
- खनन क्षेत्र में निस्तारित पानी, अपशिष्ट पानी आदि की जांच प्रभावित होंगी।


‘डिया’ कमेटी नहीं करेगी पर्यावरण स्वीकृति‘डिया’ कमेटी में पर्यावरण विशेषज्ञ नहीं थे, इसलिए एनजीटी के आदेशानुसार अब ‘डिया’ कमेटी की ओर से नई पर्यावरण स्वीकृति जारी नहीं की जाएगी। अब स्टेट लेवल एनवायरमेंट इंपेक्ट एसेसमेंट ऑथोरिटी (सिया) कमेटी पर्यावरण स्वीकृति जारी करेगी।

श्रीकृष्ण शर्मा, माइनिंग इंजीनियर, जोधपुर



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