तालाब में अब नहीं मंडराएगा मछलियों पर खतरा

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भोपालगढ़. कस्बे इस बार पर्याप्त बारिश नहीं होने से स्थानीय शिम्भेश्वर तालाब में पानी की बेहद कम आवक के कारण संकट पड़ी मछलियों का जीवन बचाने के लिए समाजसेवी सोहनलाल बोथरा की प्रेरणा से स्थानीय भामाशाहों द्वारा खुदवाए गए नलकूप का मंगलवार को क्षेत्रीय उपजिला मजिस्टे्रट रामानंद शर्मा ने बटन दबाकर चालू किया और इससे तालाब में पानी भरने के कार्य का शुभारंभ किया।

कार्यकर्ता शिम्बुभाई प्रजापत ने बताया कि इस बार बारिश के पानी की आवक बिल्कुल ही नहीं होने से शिम्भेश्वर तालाब में नया पानी बहुत कम भर पाया। जिसके चलते तालाब में पनपी हजारों मछलियों का जीवन भी खतरे में पडऩे लगा है। राजस्थान पत्रिका ने कई बार अलग-अलग समाचारों का प्रकाशन कर आमजन एवं प्रशासन का भी ध्यान मछलियों का जीवन बचाने के लिए आकर्षित किया। वहीं मछलियों का जीवन खतरे में देखकर गांव के बुजुर्ग भामाशाह सोहनलाल बोथरा ने अनूठी पहल करते हुए तालाब के पास नलकूप खुदवाने और इसके पानी से तालाब भरवाने का निर्णय किया। जिसके चलते समाजसेवी बोथरा ने नलकूप खुदवाने के लिए कस्बे के प्रवासी भामाशाह किस्तूरचंद बाफणा एवं महावीर-अनिल बोथरा को प्रेरित किया और शिम्भेश्वर तालाब की पाळ के पास नलकूप खुदवाया था।

मंगलवार को क्षेत्रीय उपजिला मजिस्टे्रट रामानंद शर्मा ने समाजसेवी सोहनलाल बोथरा एवं कई ग्रामीणों व समाजसेवियों की मौजूदगी में बटन दबाकर नलकूप चालू किया। एसडीएम शर्मा ने कहा कि तालाब में पानी के अभाव में तड़पती मछलियों का जीवन बचाने के लिए समाजसेवी बोथरा की ओर से नलकूप खुदवाकर वाकई अनूठी पहल है और ऐसे जनसेवा एवं जीवसेवा के कार्यों के लिए भामाशाहों को आगे आकर सहयोग करना चाहिए। वहीं समाजसेवी सोहनलाल बोथरा ने बताया कि इस नलकूप से तालाब में पानी भरा जाएगा, जिससे कि तालाब की हजारों मछलियों का जीवन बचाया जा सके।

 



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