लोहावट (जोधपुर) . पीलवा निवासी एलडीसी सहदेवसिंह भाटी की हत्या करने के दौरान उसके साढू एवं अन्य सहयोगियों द्वारा प्रयोग में लिए सरिया एवं खून से सना छुरा, कपड़े आरोपी के आसरलाई स्थित श्रीदेवराज उमावि में ऊपरी मंजिल के आवासीय कमरे तथा वारदात के दौरान प्रयोग में ली गई मोटरसाइकिलों को पुलिस ने बरामद किए।
थानाधिकारी हरिसिंह राजपुरोहित ने बताया कि एलडीसी सहदेवसिंह भाटी की हत्या के मामले में रिमांड पर चल रहे आरोपी भगवानसिंह पुत्र खेतसिंह रावणा राजपूत निवासी फतेहगढ़ थाना क्षेत्र देचू से पूछताछ की जा रही है। आरोपी पंचायत सहायक होने के साथ आसरलाई में देवराज उमावि में पार्ट राजनीति विज्ञान भी पढ़ाता।
पूछताछ में उसकी निशानदेही पर हत्या के दौरान प्रयोग में लिए लोहे का सरिया तथा खून से सना छुरा व कपड़े बरामद किए। एक मोटरसाइकिल आरोपी की स्कूल से तथा दो बाइक बाल अपचारियों के बताए स्थान उनके घरों से बरामद की गई। खून से सने कपड़े, छुर्रा आदि को एफएसएल में भिजवाया जाएगा।
स्थान बताने को लेकर भी करता रहा गुमराह
आरोपी से पूछताछ में सरिया, छुरा आदि सडक़ किनारे फेंकने की बात कही। बाद में उसके बताए स्थान पर पुलिस टीम ने देचू हाइवे के पास सडक़ किनारों को खंगाला, लेकिन वहां भी कुछ नहीं मिला। उसके बाद पुलिस ने फिर सख्ती से पूछताछ की गई तो उसने बताया कि निजी विद्यालय में जहां पर वह निवासी करता है। वहां कमरे में उनको छिपाकर रखे है। बाद में पुलिस ने उसके कमरे में पहुंचकर सरिया, छुर्रा, कपड़े आदि बरामद किए।
किए कई खुलासे
रिमांड पर चल रहे आरोपी ने पूछताछ में कई खुलासे किए। आरोपी भगवानसिंह ने साथियों के साथ पूर्व मेें कई बार एलडीसी की हत्या करने के प्रयास किए। उसने अपने साथी शिक्षक व 5 बाल अपचारियों के साथ 27 नवम्बर को जालोडा सरहद में साढू की हत्या करने आया था। उस समय सहदेवसिंह वहां नहीं आया तथा उसके साढू के आने का करीब दो घंटे तक इंतजार किया, लेकिन वहां पर साढू नहीं आया। काफी इंतजार के बाद वह सभी लोग वहां से वापस चले गए।
बच्चों को कहा मोबाइल अलग-अलग बसों में डाल दो
आरोपी भगवानसिंह ने हत्या की वारदात को अंजाम देने के बाद साथ रहे बाल अपचारियों को भी धमकाया था। उसने बच्चों को कहा कि अपन-अपने मोबाइल फोनों को देचू से गुजरने वाली पूना एवं जैसलमेर के बीच चलने वाली अलग-अलग बसों में रखकर आ जाओ तथा किसी को इसकी भनक नहीं लगे।
मोबाइल फोन की लोकेशन अलग-अलग जगहों पर आने से पुलिस उनके स्थान ढूंढ़ती रहेगी तथा अपने कुछ भी नहीं होगा। उसने कहा कि तुम सभी नाबालिग हो, तुम्हारा नाम भी आ जाए तो भी चिंता की बात नहीं है। बड़ा-बड़ा से वकील कर जमानत करवा दूंगा। मेरा नाम मत खोलना। हत्या के बाद उसने अपने साथी अध्यापक को रुपए देकर कहा कि जयपुर की ओर चला जाए। थानाधिकारी ने बताया कि हत्या के मामले में फरार जयराम मेघवाल की तलाश की जा रही है।
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