जोधपुर.
बचपन की सगाई नकार शादी से इनकार पर समाज से बहिष्कृत करने की धमकी और सोलह लाख रुपए दण्ड वसूलने के मामले में पुलिस अधिकारी व जवानों पर कार्रवाई के बाद आखिरकार पुलिस ने गुरुवार को चार पंचों को गिरफ्तार किया। प्रमुख पंचों में शामिल जिला प्रमुख के पिता, बनाड़ सरपंच आदि गायब होने से पकड़ में नहीं आ पाए।
जांच कर रहे सहायक पुलिस आयुक्त (एससी-एसटी सैल) नारायण सिंह ने बताया कि प्रकरण में गुजरावास गांव निवासी जेठाराम जाट, लालाराम जाट, नांदड़ा खुर्द निवासी धोंकलराम जाट व जाजीवाल खींचियान निवासी ओमप्रकाश जाट को सुबह पूछताछ के लिए घर से बुलाया गया। पूछताछ करके दोपहर बाद चारों को गिरफ्तार कर लिया गया। इन्हें शाम को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से चारों को न्यायिक अभिरक्षा में भेजने के आदेश दिए गए। पुलिस को आरोपियों से कोई बरामदगी नहीं करनी थी। एेसे में चारों को चंद घंटे में ही कोर्ट में पेश कर दिया गया।
यह है मामला
गौरतलब है कि नांदड़ा कलां में नैणों की ढाणी निवासी सीए छात्रा दिव्या चौधरी ने गत २८ अक्टूबर को डिगाड़ी चौकी में जहरीला पदार्थ खा लिया था। उसे मथुरादास माथुर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जो अब खतरे से बाहर है। जब वह तीन साल की थी तब उसके दादा ने उसकी शादी थोरियों की ढाणी में गायत्री नगर निवासी बंशीलाल थोरी के पुत्र से करने की बात की थी। पिछले सात साल से बंशीलाल अपने पुत्र की शादी दिव्या से करने का दबाव डाल रहे थे, लेकिन दिव्या ने इनकार कर दिया था। तब समाज के पंचों ने गत २७ अक्टूबर को दिव्या के परिवार पर १६.६५ लाख रुपए का दण्ड डाल दिया था। साथ ही २८ अक्टूबर को एक और पंचायत बुलाकर समाज से बहिष्कृत करने की धमकी दी गई थी।
प्रभावशाली पंच घरों से गायब
एसीपी सिंह का कहना है कि प्रकरण में जिला प्रमुख के पिता प्रभुराम धोचक, सरपंच गोपाराम, नारायणराम, हरकाराम जाट आदि भी आरोपी है। जो अपने-अपने घरों पर नहीं मिले। पंचों के मार्फत शादी का दबाव बनाने में लडक़े घरवाले भी आरोपी हैं। इनके खिलाफ जल्द ही कार्रवाई की जाएगी। आरोपियों में शामिल हरकाराम पुलिस निरीक्षक के चाचा हैं।
अनदेखी पर पड़ी भारी, दो लाइन हाजिर, दो निलम्बित
सीए छात्रा की तरफ से गत १२ सितम्बर को बनाड़ थाने में परिवाद दिए जाने के बावजूद कोई कार्रवाई न किए जाने को पुलिस कमिश्नर आलोक वशिष्ठ ने गम्भीरता से लिया। उन्होंने अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त महेन्द्र सिंह से जांच कराई। रिपोर्ट मिलने पर बुधवार रात बनाड़ थानाधिकारी नियाज मोहम्मद व डिगाड़ी चौकी प्रभारी उप निरीक्षक देवकिशन को लाइन हाजिर कर दिया गया था। जबकि एएसआई मनीष सारण व हेड कांस्टेबल भंवरलाल को निलम्बित कर दिया गया था।
चारों पंच पहले मुकरे, आमने-सामने कराए जाने पर फंसे
पुलिस का कहना है कि चारों पंचों ने शुरुआती पूछताछ में सीए छात्रा के मामले में बुलाई पंचायत में शामिल होने से मना कर दिया। इस पर उन्हें पीडि़त पक्ष से आमने-सामने कराया गया। तब पंचायत में चारों की मौजूदगी होने की पुष्टि हो गई। इस पर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
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