हाईकोर्ट ने सूचना आयोग के आदेश को बताया मनमाना, विकृत और उद्दंड

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जोधपुर

 

राजस्थान हाईकोर्ट ने पाली जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पर राज्य सूचना आयोग की ओर से थोपे गए 25 हजार रुपए के जुर्माने का आदेश निरस्त कर दिया।


आरटीआइ कार्यकर्ता की ओर से मांगी गई सूचना उपलब्ध कराने के बाद भी सूचना आयोग ने यह जुर्माना लगा दिया था। सीईओ की ओर से दायर याचिका को स्वीकार करते हुए न्यायाधीश संदीप मेहता ने सूचना आयोग के ऐसे आदेश को एकदम मनमाना, विकृत और उद्दंड बताते हुए निरस्त कर दिया।

 

याचिकाकर्ता की ओर से मनीष पटेल ने कहा कि अप्रार्थी चन्द्रभानु राजपुरोहित ने सूचना आयोग में अपील दाय कर सूचना तलब की थी। परिषद की ओर से सूचना उपलब्ध करा दी गई। लेकिन अप्रार्थी ने फिर आयोग में अपील दायर कर दी

। इस पर जिला परिषद ने आयोग से अपील की प्रति उपलब्ध कराने के लिए बार-बार आग्रह किया। लेकिन आयोग ने प्रति तो उपलब्ध नहीं कराई लेकिन अपील की प्रति के लिए बार बार पत्र लिखने पर नाराजगी जताते हुए 17 मार्च 2015 को 25 हजार का जुर्माना लगा दिया।

 



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