गजेंद्रसिंह दहिया/जोधपुर. जोधपुर सहकारी उपभोक्ता होलसेल भण्डार का करीब 1.25 करोड़ रुपए का बैंक खाता गायब हो गया। केंद्रीय सहकारी बैंक (सीसीबी) की नई सडक़ शाखा में खाता नहीं मिलने से भण्डार के अफसरों की सांसें चढ़ गई हैं। खाता गायब होने की जानकारी क्रॉस चेक के दौरान मिली। भण्डार के विभिन्न बैंकों में करीब एक दर्जन खाते हैं। कुछ दिन में खाता व लिक्विडिटी नहीं मिली तो इसे गबन घोषित कर दिया जाएगा।
सहकारी भण्डार के तत्कालीन महाप्रबंधक मधुसूदन शर्मा के पिछले साल 5.50 लाख रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़े जाने के बाद सरकार ने वित्त वर्ष 2016-17 के दौरान हुए वित्तीय लेनदेन की जांच के लिए 5 सरकारी ऑडिटर लगाए थे। लेकिन भण्डार प्रबंधन ऑडिटर्स को बैंक खातों की जानकारी देने में आनाकानी कर रहा था। ऑडिटर्स ने भण्डार के निवर्तमान प्रशासक प्रदीप जैन को शिकायत की तब भण्डार महाप्रबंधक रामसुख चौधरी को ऑडिटर्स को बैंक खातों का विवरण देने के निर्देश दिए।
फर्जी लेनदारी का होगा खुलासा
भण्डार के स्टॉक और पैसों में करीब 7.50 करोड़ रुपए का अंतर आ रहा है। ऑडिटर्स को बताया गया कि यह पैसा देनदारों में फंसा है। इस पर ऑडिटर्स ने कोषागार, महात्मा गांधी, मथुरादास माथुर और उम्मेद अस्पताल को पत्र लिख भण्डार की दनदारी बताने को कहा है। इसमें कमी या गड़बड़ी भी गबन मानी जाएगी।
64 कर्मचारियों को 14 हजार का बोनस
ऑडिट में सामने आया कि भण्डार प्रबंधन ने पिछली दिवाली पर प्रत्येक कर्मचारी को 14 हजार रुपए बोनस, मिठाई व पटाखा के दिए। भण्डार में करीब 64 कर्मचारी कार्यरत हैं। वित्त विभाग के अनुसार संविदा/अस्थाई कर्मचारियों को बोनस नहीं दिया जाता है। वह भी तब है जब भण्डार घाटे में चल रहा है। सूत्रों के मुताबिक भण्डार ने सीसीबी से एक करोड़ का ओवर ड्राफ्ट ले रखा है।
1990 से पहले के खाते हैं, मिल जाएंगे
ये खातें 1990 के पहले के हैं। उस समय खातों का मेंटेनेंस मैनुअली होता था। उम्मीद है जल्द ही खातों का पता चल जाएगा।
रामसुख चौधरी, महाप्रबंधक, जोधपुर उपभोक्ता सहकारी होलसेल भण्डार
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