चुनावी दौड़ में टिकट के लिए कूद पड़े हैं कई पूर्व सांसद, सियासी हवा का रुख देख कर पेश करते हैं दावेदारी

पोस्ट पसंद आये तो लाइक जरुर करे ?

अविनाश केवलिया/जोधपुर. राजनीति में मौके के साथ बदलाव आवश्यक है। तभी तो कई नेता ऐसे रहे हैं तो राज्य के साथ कई बार केन्द्र की राजनीति की ओर रुख करने से भी गुरेज नहीं करते। इस बार भी हालात कुछ ऐसे ही हैं। हमारे जिले में ही ऐसे कई उदाहरण हैं जो मौके के अनुसार अपना राजनीतिक दायरा बदल लेते हैं। जोधपुर के राजनीतिक इतिहास में ऐसे कई दिग्गज हुए हैं जो सांसद और विधायक दोनों ही पारियां सफलतापूर्वक खेल चुके हैं। कई नेता तो ऐसे भी हैं जो भले ही सफल न हुए हों लेकिन समय के साथ सांसद और विधायक दोनों ही चुनावों में भाग्य आजमाने से पीछे नहीं हटे। दोनों ही चुनावों का अनुभव रखने वाले पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी हैं जो पांच बार सांसद रहने के बाद अभी चौथी बार विधायक हैं।

 

वे दिग्गज जो दोनों चुनावों में उतरे

रामनारायण विश्नोई : तीन बार विधायक रहे चुके हैं। फलोदी से दो बार जीत कर विधानसभा पहुंचे विश्नोई विधानसभा के उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं। मौके की नजाकत देखते हुए 1991 में वे अशोक गहलोत के सामने भाजपा के टिकट पर लोकसभा चुनाव में भी मैदान में उतरे थे। लेकिन सफल नहीं हुए।


पूनमचंद विश्नोई : पूर्व मंत्री और विधानसभा अध्यक्ष रहे पूनमचंद विश्नोई ने भी लोकसभा चुनाव में ताल ठोकी थी। 1999 के चुनाव में उन्हें कांग्रेस ने भाजपा के जसवंतसिंह विश्नोई के सामने उतारा था। लेकिन वे सफल नहीं हो सके। हालांकि इसके बाद वे पुन: चुनाव मैदान में नहीं उतरे।

अशोक गहलोत : पांच बार जोधपुर के सांसद रहे। 1999 से प्रदेश के विधानसभा चुनाव में एक्टिव हुए और तब से सरदारपुरा सीट से जीतते रहे हैं। दो बार मुख्यमंत्री रहे। विधायक बनने के बाद पुन: सांसद बनने के लिए नहीं गए। इस बार भी सरदारपुरा सीट से प्रमुख दावेदार हैं।

पूर्व सांसद जो अब विधायक के लिए दौड़ में


जसवंतसिंह विश्नोई : दो बार सांसद रहे वर्तमान खादी बोर्ड के अध्यक्ष विश्नोई भी विधायक रहने के बाद सांसद बने हैं। चार बार लोकसभा चुनाव लडऩे के बाद इस बार फिर विधानसभा चुनाव में टिकट के लिए सक्रिय नजर आ रहे हैं।

बद्रीराम जाखड़ : 2009 में पाली संसदीय सीट से सांसद रहे जाखड़ इस बार विधानसभा चुनाव के टिकट की दौड़ लगा रहे हैं। इससे पहले वे कांग्रेस के टिकट पर 2004 में जोधपुर से लोकसभा चुनाव में उतारे गए थे। लेकिन भाजपा के जसवंतसिंह विश्नोई से नहीं जीत सके।



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/2PakZ4H
Share on Google Plus

About Atul

This is a short description in the author block about the author. You edit it by entering text in the "Biographical Info" field in the user admin panel.

0 comments:

Post a Comment