क्या हमने सही मायनों में पाई है बुराई पर अच्छाई की जीत, प्रतीक के इस वीडियो को देख कर शर्म से झुक जाएगी नजरें

पोस्ट पसंद आये तो लाइक जरुर करे ?

जोधपुर. हर साल की तरह बुराई पर अच्छाई और सच्चाई की जीत के जश्न के तौर पर हम सभी रावण दहन कर विजयदशमी पर्व हर्षोल्लास से मनाते हैं। महत्वपूर्ण सीख देने वाले इस पर्व से हम आज तक यह नहीं सीख पाए कि सबसे पहले हमें अपने अंदर छिपी बुराई का अंत करना जरूरी है। लेकिन हम सिर्फ एक पुतले को जला कर अपने पर्व की इतिश्री कर लेते हैं। यह नहीं जानते कि हमारे अंदर की बुराई सिर्फ दस सिरों वाली नहीं है। इसके सिर हजारों हैं और समय-समय पर यह सिर जब उठते हैं तो अच्छाई पर कालिख पोत कर रख देते हैं। लंकापति रावण ने सिर्फ माता सीता का हरण किया था अपनी ही बहन का बदला लेने के लिए लेकिन वर्तमान में महिलाओं व बालिकाओं के साथ बढ़ रहे बालात्कार उस रावण से कहीं अधिक भयावह है। रावण ने राक्षस होकर भी मर्यादा निभाई परंतु हमारी नैतिकता का पतन होने का कोई अंत नजर नहीं आ रहा है। ऐसे में आवश्यक है कि पहले हमें खुद को सुधारना होगी फिर अन्य लोगों व सरकारी तंत्र से अपेक्षा करनी होगी। इन्हीं बातों का संदेश देती और नेताओं पर कटाक्ष करता शहर के युवा यू-ट्यूबर प्रतीक मूथा का यह वीडियो देखिए और खुद से सवाल कीजिए आखिर आप अपने अंदर छिपे रावण का कब दहन कर रहे हैं....?



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/2q16t15
Share on Google Plus

About Atul

This is a short description in the author block about the author. You edit it by entering text in the "Biographical Info" field in the user admin panel.

0 comments:

Post a Comment