पीपाड़सिटी (जोधपुर) . मौसम के बदलाव के साथ ही शहरी और ग्रामीण क्षेत्रो में डेंगू रोग का प्रकोप बढऩे लगा है, पीपाड़सिटी के अस्पताल में रोजाना 8 से 10 मरीज डेंगू पॉजिटिव मरीज आ रहे है।
ज्यादातर अस्पतालों में न तो इसकी दवा उपलब्ध है और न ही जांच की सुविधा। इससे आशंका है कि यह विकराल रूप धारण न कर लें। सूचना के बावजूद प्रशासन और नगरपालिका इसे लेकर गंभीर नहीं है।
सूत्रों के अनुसार डेंगू भी मौसमी बीमारियों की तरह मरीजों को अपनी गिरफ्त में लेता है। गत वर्ष भी क्षेत्र में सैकड़ों लोग इसकी गिरफ्त में आ चुके है। ब्लॉक स्तर के अस्पतालों में जांच और दवाई तो मिल रही है, लेकिन मरीज के स्वेत रक्त कणिकाएं कम होने की स्थिति में खून चढ़ाने के लिए जोधपुर जाने को मजबूर होना पड़ता है।
विभाग और प्रशासन की ओर से समन्वय को लेकर नियंत्रण कक्ष नहीं होने से भी क्षेत्र में मरीजों का सही आंकड़े की बजाय आधी अधूरी जानकारी ही मिल पा रही है।
पालिका क्षेत्र में तो इसकी रोकथाम के लिए कई बार पायराथर्म कीटनाशक का छिडक़ाव का कार्य करवा दिया जाता है, लेकिन डेंगू से प्रभावित गांवों में ये कार्य नहीं हो पा रहा है।
कहने को सरकारी अस्पतालों में नि:शुल्क रक्त जांच की सुविधा है, लेकिन डेंगू के मरीजों के रक्त जांच की सुविधा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर उपलब्ध नहीं है। ब्लॉक स्तर के सरकारी अस्पतालों में ढाई सौ रुपए के शुल्क जमा कराने पर ही जांच हो सकती है। यहां पर भी सरकार की ओर से आधी अधूरी दवा मिलने के बाद मरीज को बाजार से दवा खरीदने को मजबूर है।
इन्होंने कहा
प्रति दिन 8-10 डेंगू मरीजों में से 3-4 मरीज ओब्जर्वेशन में रखे जा रहे। इसको देखते हुए प्रशासन और नगर पालिका को सूचित कर दिया गया है।
-डॉ. सुरेंद्र सिंह परिहार, प्रभारी,सीएचसी,पीपाड़सिटी
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