जोधपुर। भारतीय वायुसेना ने गत अप्रेल माह में अपने मालवाहक जहाजों से थल सेना के 560 कमाण्डों को सीधे ही थार मरुस्थल में दुश्मन की धरती पर उतारा। कमाण्डो को एवॉक्स राडार प्रणाली से मदद के साथ सुखोई-30 विमान से कवर मिल रहा था। जल्द ही कमाण्डो ने दुश्मन के ठिकानों पर गोलाबारी करके ठिकाने नष्ट कर दिए। वायुसेना की ओर से पूरे देश में चल रहे अब तक सबसे बड़ा रियल टाइम युद्धाभ्यास गगनशक्ति-2018 के अंतर्गत बीती रात थार में रेगिस्तान परिस्थितियों में ऑपरेशन को अंजाम दिया गया था। इस अभियान में छह सी-130 और सात एएन-32 विमानों की मदद से छाताधारी कमाण्डो को आकाश से सीधा दुश्मन की धरती पर उतारा गया।
एक-एक करके सभी कमाण्डों ने आकाश से हथियारों के साथ छलांग लगाई। कमाण्डों को दुश्मनों की नजरों से बचाते हुए नीचे उतारा गया। वायुसेना के ये विमान देश के अलग.अलग एयरबेस से उड़ान भरकर पाकिस्तान सीमा के नजदीक पहुंचे और आपस में तारतम्य स्थापित हवाई कार्रवाई को अंजाम दिया। हवाई मार्गों से चलाए जाने वाले अभियानों में कमांडो, उपकरणों और रसद को सीधे युद्धभूमि में उतारा जाता है। जिससे दुश्मन को आगे बढऩे से रोका जा सके। ये अभियान सटीक खुफिया जानकारी के आधार पर लड़ाकू विमानों के कवर के बीच चलाए जाते हैं। इन अभियानों में रणक्षेत्र में मौजूद जवानों की जरूरत की चीजों को भी पहुंचाया जाता है। कमांडो का पहला काम दुश्मन के संचार नेटवर्क और अन्य ढांचागत संरचरनाओं को ध्वस्त करना होता है।
भारतीय वायुसेना उस समय देश की पश्चिमी और पूर्वी सीमा पर सबसे बड़ा रियल टाइम युद्धाभ्यास कर रही थी। आठ अप्रेल 2018 से शुरू हुए गगनशक्ति-2018 में 15 हजार वायुसैनिकों के साथ 1100 लड़ाकू विमान और हेलीकॉप्टर हिस्सा ले रहे थे। यह युद्धाभ्यास 22 अप्रेल तक चला था। गगनशक्ति-2018 में पूरे देश में वायुसेना के एयरबेस, 300 अधिकारी, 700 युद्धक विमान, कार्गो विमान और 400 हेलीकॉप्टर्स ने हिस्सा लिया था।
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