जोधपुर।
नीति आयोग ने लगातार घट रहे जोधपुर के विश्वविख्यात शीशम के हैण्डीक्राफ्ट निर्यात उद्योग पर चिंता जताई है। पिछले 18 माह से लगातार शीशम की लकड़ी से बने हैण्डीक्राफ्ट उत्पादों का निर्यात 50 प्रतिशत तक घट गया है नीति आयोग ने शीशम की लकड़ी के उत्पादों के घटते निर्यात व निर्यातकों की समस्याओं पर मंगलवार को नई दिल्ली में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की। बैठक आयोग के प्रो रमेशकुमार की अध्यक्षता में हुई। आयोग के संयुक्त सचिव विक्रमसिंह गौड़ ने कहा कि केन्द्र सरकार देश के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है । उन्होंने बताया की भारत में शीशम की लकड़ी की खेती की जाती है व यह पूरी तरह कृषि उत्पाद है । भारत में इस लकडी की ट्रैसेबिलिटी एकदम साफ है। बैठक में राजस्थान, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, गुजरात के उद्योग व वन सचिवों,ईपीसीएच के कार्यकारी निदेशक राकेशकुमार, केन्द्रीय हस्तशिल्प विकास आयुक्त, केन्द्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय के उच्चाधिकरियों सहित देश के निर्यातकों ने भाग लिया।
---
रूस की बैठक में रिपोर्ट पेश नहीं की गई, अब श्रीलंका बैठक से आस
बैठक में जोधपुर हैण्डीक्राफ्ट एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ भरत दिनेश ने राजस्थान के निर्यातकों का प्रतिनिधित्व करते हुए बताया कि कन्वेंशन ऑन इंटरनेशनल टे्रड इन एनडेंजर्ड ऑफ वाइल्ड फ ाउना एंड फ्लोरा (साईटस) की 5 अक्टूबर को रूस में हुई मीटिंग में भारत की ओर से शीशम पर नॉन डिटरमेंटल स्टडी रिपोर्ट पेश नहीं की गई । इससे शीशम के निर्यात पर पैचीदगी कायम है। शीशम के निर्यात के लिए साईटस एनओसी, जो कि वृक्ष सर्टिफि केट है, लेना अनिवार्य है । इस रिपोर्ट में भारत में शीशम के उत्पादन की पूरी डिटेल होगी । आयोग के संयुक्त सचिव विक्रमसिंह गौड़ ने भारत सरकार के वन एवं पर्यावरण मंत्रायल को 27 दिसम्बर तक शीशम पर नान डिटरमेंटल स्टडी रिपोर्ट साईटस को जमा कराने के आदेश दिए है। उन्होंने कहा कि साईटस की 22 मई 2019 को श्रीलंका में आयोजित मीटिंग में भारत की शीशम के निर्यात की समस्या समाधान का हरसम्भव प्रयास किया जाएगा। साईटस ने 2 जनवरी 2017 से शीशम की लकड़ी के व्यवसायिक गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाया था।
---
जोधपुर से शीशम उत्पादों के निर्यात स्थिति कंटेनर्स में
माह-वर्ष------------------ कंटेनर्स
जनवरी - दिसम्बर 2016 ---करीब 8500
जनवरी - दिसम्बर 2017--- करीब 3900
जनवरी - फरवरी 2018--- करीब 800
from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/2PmeiwD
0 comments:
Post a Comment