जलदाय विभाग की नाक के नीचे 3 हजार लोगों के हक का पानी बेच रहे टैंकर चालक, गांव वालों ने चंदा कर टयूबवेल खुदवाई

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जोधपुर. शहर के आस-पास के एक दर्जन गांवों में पानी सप्लाई करने वाली झालामंड-दांतीवाड़ा पाइप लाइन में अवैध कनेक्शन टैंकर चालक पानी बेच रहे हैं। लोगों को उन्हीं के हक का पानी मनमानी दर पर बेचा जा रहा है। पानी के इस अवैध व्यापार का खामियाजा पाइप लाइन के अंतिम छोर पर स्थित गांव बासनी निकोबा और जालेली फौजदार के करीब 3 हजार लोग चुका रहे हैं। पिछले एक साल से गांव में पानी सप्लाई नहीं हो रहा है। गांव के लोगों ने बेजुबान पशुओं को पानी के लिए तड़पता देख चंदे से टयूबवेल खुदवा दी लेकिन उन्हें अब भी मनमानी दर पर टैंकर चालकों से पानी खरीदना पड़ रहा है। गांव वालों ने इसकी शिकायत कई बार जलदाय विभाग में की लेकिन अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की।

जोधपुर के झालामंड से दांतीवाड़ा तक करीब 10 किलोमीटर लम्बी पाइप लाइन एक दर्जन से ज्यादा गांवों में पानी सप्लाई होता है। लेकिन पिछले कुछ सालों से जलदाय विभाग ने पानी की सप्लाई जालेली फौजदार गांव तक सीमित कर दी। जालेली फौजदार और बासनी निकोबा गांव के करीब 3 हजार लोग पानी के लिए पाइप लाइन पर निर्भर थे। लेकिन गत एक वर्ष से बासनी निकोबा के पास कुछ पानी के टैंकर चालकों ने पाइप लाइन में अवैध कनेक्शन कर पानी बेचने लग गए। आखरी गांव होने के कारण पानी का प्रेशर कम होता और टैंकर चालकों के पानी लेने के कारण गांव तक पानी पहुंचना बंद हो गया। पानी नहीं मिलने पर लोगों को मजबूरी में टैंकर चालकों से पानी खरीदना पड़ रहा हैं।

लीकेज कर 10 फीट गहरे गड्ढों में जमा करते हैं पानी

टैंकर चालकों ने पाइप लाइन से पानी चुराने के लिए बासनी निकोबा के खनन क्षेत्र के पास पाइप लाइन में कई जगहों पर अवैध कनेक्शन कर दिए। पानी सप्लाई होने पर वे पाइप लाइन से पाइप जोड़ कर टैंकर भर लेते हैं। इसके साथ उन्होंने पाइप लाइन के पास 10 फीट गहरे 2 से 3 गड्ढे बना रखे हैं। पाइप लाइन को कई जगहों से लीकेज कर रखा है ताकि प्रेशर कम हो तब पाइप लाइन से लीकेज का पानी इन गड्ढों मे भरता रहे। लीकेज के पानी से कुछ ही घंटों में गड्ढे पानी से भर जाते हैं।

जानवर प्यासे मरने लगे तो चंदा कर टयूबवेल खुदवाई

एक साल से गांव में पानी नहीं आ रहा है। हम तो टैंकर वालों से पानी खरीद लेते हैं। लेकिन जानवर प्यास से मरने लगे। इस पर गांववालों से चंदा इकठ्ठा कर करीब 10 दिन पहले टयूबवेल खुदवार्ई। इसके लिए करीब 50 हजार रुपए खर्च हुए। टयूबवेल से जानवरों को प्यास तो बुझ गई लेकिन गांव के लोगों को अब भी टैंकर चालकों से पानी खरीदना पड़ रहा हैं।


-कालूराम, ग्रामवासी जालेली फौजदार

अधिकारियों के सामने पानी की चोरी

गांव वालों ने कई बार जलदाय विभाग, एमएलए व सरपंच को पानी चोरी की शिकायत की। लेकिन किसी ने सुनवाई नहीं की। गांव की मुख्य रोड पर पाइप लाइन से पानी के लिए टैंकर चालकों को लाइन लगी रहती है, अधिकारी कई बार अवैध कनेक्शन देखकर भी गए। लेकिन कार्रवाई नहीं की।
रमेश लोल, ग्रामवासी बासनी निकोबा

हफ्ते में एक बार पानी आता है

-पिछले कई महीनों से गांव में पानी का संकट आ रखा है। कई बार शिकायत के बाद भी जलदाय विभाग के अधिकारी पानी सप्लाई नहीं कर रहे हैं। पाइप लाइन पर टैंकर चालकों ने अवैध कनेक्शन कर रखे हैं। अब पानी के लिए एक मात्र साधन टैंकर चालक हैं।

कंवराराम बाबल, सरपंच जालेली फौजदार

ऐसी शिकायत हमारे पास भी कल आई थी। इस पर एक्सईन को कार्रवाई के लिए कहा गया है। टीम को पाइप लाइन का सर्वे करने के लिए भेजा गया है।


जगदीश प्रसाद, अधीक्षण अभियंता (ग्रामीण) जन स्वास्थय विभाग



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