जोधपुर. प्रदेश के दूसरे बड़े शहर जोधपुर नगर निगम का ढर्रा राजस्थान प्रशासनिक अधिकारियों के लिहाज से बिगड़ा हुआ है। नगर निगम तीनों जोन के उपायुक्त व उपायुक्त राजस्व का कार्य राजस्व अधिकारियों के भरोसे चला रहा है। जबकि दूसरी ओर नगर निगम के आयुक्त का पद ओमप्रकाश कसेरा के जाने के बाद खाली पड़ा है। इस पद को भी जोधपुर विकास प्राधिकरण के आयुक्त को अतिरिक्त कार्यभार देकर चलाया जा रहा है।
नगर निगम में सूरसागर जोन के उपायुक्त नारायणलाल मीणा का तबादला चितौडगढ़़ नगर परिषद् में होने के बाद उनका कार्य राजस्व अधिकारी सुमन राठौड़ के पास है। शहर जोन उपायुक्त बीएस सांदू का स्थानांतरण जेएनवीयू में रजिस्ट्रार पद पर हो जाने के बाद उनकी जगह राजस्व अधिकारी विक्रम चारण कार्य देख रहे हैं। साथ ही उपायुक्त राजस्व की जिम्मेदारी संभाले हुए हैं। जबकि पूर्व उपायुक्त राजस्व का काम मोहनसिंह देखते थे। यह पद लंबे से खाली है। सरदारपुरा उपायुक्त देवाराम सुथार को आयुर्वेद विवि में रजिस्ट्रार लगाए जाने के बाद इनकी जगह स्वरूपसिंह सिसोदिया कार्य देख रहे है। गत 20 जुलाई को आयुक्त ओमप्रकाश कसेरा का तबादला हुआ था। उसके बाद 28 जुलाई को जोधपुर विकास प्राधिकरण आयुक्त दुर्गेश बिस्सा को नगर निगम का अतिरिक्त कार्यभार दिया गया।
हर काम कार्यवाहक आयुक्त के भरोसे
वर्तमान में नगर निगम के तीनों जोन शहर, सरदारपुरा व सूरसागर में कोई बड़ी कार्रवाई नहीं की जा रही है। सूत्रों के अनुसार ऐसे में बड़ी कार्रवाई के लिए कार्यवाहक आयुक्त दुर्गेश बिस्सा की अनुमति लेकर ही काम किया जा रहा है। अधिकारियों के टोटे के कारण कई बड़े एक्शन लेने के लिए कर्मचारियों को भी कई परेशानियों से जूझना पड़ रहा है।
दो अधिकारी लगे, काम संभाला नहीं- महापौर
महापौर घनश्याम ओझा ने कहा कि वे निरंतर अधिकारी लगाने के लिए प्रयास कर रहे हैं। निगम में दो आरएएस अधिकारी लगे हुए हैं, लेकिन दोनों अभी आए नहीं है। इनमें से एक राजेन्द्रसिंह राठौड़ फिलहाल मेडिकल पर चल रहे है। दूसरे वीरेन्द्रसिंह ने अभी कार्यभार संभाला नहीं है। इन अधिकारियों को आने के बाद चार्ज देंगे।
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