गोशाला में मृत गायों को गाडऩे को लेकर हंगामा, शिव सैनिकों के विरोध पर पुलिस व आरएसी तैनात

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जोधपुर। शहर के निकटवर्ती बुझावड़ गांव स्थित गोशाला में मृत गायों को पास जमीन में गाडऩे और गोशाला में चार दीवारी के साथ ही चारे व पानी की व्यवस्था न होने को लेकर रविवार को विवाद हो गया।

शिव सैनिकों का आरोप है कि गोशाला में न तो चार दीवारी है और न ही गायों के लिए चारे व पानी की व्यवस्था है। गोशाला में दम तोडऩे वाली गायों को पास ही विश्वविद्यालय परिसर की जमीन में गाडऩे का आरोप लगाया गया है। एेहतियात के तौर पर पुलिस व आरएसी तैनात की गई है।

शिवसेना के जिला प्रमुख सम्पत पूनिया ने बताया कि बुझावड़ स्थित मारवाड़ मुस्लिम आदर्श गोशाला में गायों की हालत दयनीय है। गोशाला में चार दीवारी तक नहीं है। न ही चारे व पानी की समुचित व्यवस्था है। चारा आने पर गाएं बुलाई जाती है। गोशाला में मरने वाली गायों के संबंध में चौकीदार का दावा था कि मृत गायों को पास ही फेंका जाता है। जबकि ग्रामीण का कहना है कि मृत गायों को पास ही निर्माणाधीन मुस्लिम विश्वविद्यालय परिसर की जमीन में गाड़ा जा रहा है। उसने वह जमीन भी दिखाई जहां गायों को गाड़ा गया है।

मामले का पता लगने व कानून व्यवस्था बिगडऩे का अंदेशा होने पर अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) सरिता सिंह और सहायक पुलिस आयुक्त (बोरानाडा) सिमरथाराम सहित अन्य अधिकारी गोशाला पहुंचे। गोशाला प्रबंधन भी मौके पर आए। टकराव की स्थिति टालने के लिए एेहतियात के तौर पर आरएसी भी बुला ली गई। फिलहाल मौके पर शांति है। इस संबंध में रात तक कोई मामला दर्ज नहीं कराया गया है।

तीन दिन पहले मिले मांस को लेकर आपत्ति
शिव सैनिक गत शुक्रवार को गोशाला पहुंचे तो चौकीदार चूल्हे पर मांस पका रहा था। शिवसैनिकों को गोमांस का अंदेशा हुआ। हालांकि गोमांस जैसी कोई सामग्री नहीं मिली है। पुलिस ने गोमांस होने से इनकार किया है।

गाएं कम, अनुदान अधिक उठाने का आरोप एसीपी सिमरथाराम के अनुसार गोशाला में गोमांस नहीं मिला है। तीन दिन पहले चौकीदार बाजार से खरीदकर मांस लाया था और कर्मचारियों के लिए पका रहा था।

शिव सैनिकों का अंदेशा है कि गोशाला में गाएं कम होने के बावजूद अधिक अनुदान उठाया जा रहा है। गायों के लिए कोई व्यवस्था भी नहीं है।



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