जोधपुर. अब तक बैंक कर्मचारी बनकर एटीएम कार्ड और पिन नम्बर पूछने के बाद ओटीपी नम्बर जान खाते से ऑनलाइन शॉपिंग व रुपए निकालने की वारदातें हो रही थी, लेकिन अब बगैर नम्बर पूछे एटीएम से रुपए निकाले जा रहे हैं। दो वारदातों में हैण्डीक्राफ्ट व्यवसायी के खाते से दो लाख रुपए और सेवानिवृत्त कर्मचारी के खाते से बीस हजार रुपए निकाल लिए गए। दोनों वारदातें एक ही दिन फरीदाबाद में नीलम चौक स्थित एटीएम से हुई हैं।
प्रतापनगर पुलिस के अनुसार प्रतापनगर की यूआइटी कॉलोनी निवासी भगवानदास सुथार की बोरानाडा में हैण्डीक्राफ्ट फैक्ट्री है। गत 29 जुलाई की रात 11.53 बजे उसके मोबाइल पर आए संदेश से पता लगा कि उसके खाते से फरीदाबाद में नीलम चौक स्थित एटीएम से 40 हजार रुपए निकाल लिए गए। उसने बैंक के हेल्पलाइन पर सम्पर्क किया तो बताया गया कि एटीएम कार्ड ब्लॉक करवा दो अथवा राशि निकालने की लिमिट ओवर कर दो। वह तुरंत नजदीकी एटीएम पहुंचा लेकिन लिमिट पहले ही क्रॉस हो चुकी थी और खाते में सिर्फ 31 हजार रुपए ही शेष थे। अज्ञात व्यक्ति ने छह लेन-देन कर उनके खाते से दो लाख रुपए निकाल लिए थे। जबकि सुथार ने अपना एटीएम कार्ड किसी को नहीं दिया, न ही कार्ड व पिन नम्बर किसी को बताए थे।
कुड़ी भगतासनी पुलिस के अनुसार झालामण्ड में विशाल नगर निवासी सेवानिवृत्त कर्मचारी मांगीलाल पुत्र हुक्मीचंद लुहार का प्रतापनगर के एसबीआइ खाता है। गत 29 जुलाई की रात 11.24 बजे उसके खाते से बीस हजार रुपए निकलने संबंधी संदेश मोबाइल पर आया। यह राशि फरीदाबाद स्थित नीलम चौक स्थित एटीएम से निकाली गई थी। मांगीलाल का डेबिट कार्ड भी पास ही है और उन्होंने किसी को भी पिन या कार्ड नम्बर नहीं बताए थे।
एटीएम कार्ड का क्लॉन बनाकर राशि निकालने का अंदेशा
दोनों ही वारदातों में आरोपियों ने किसी भी तरह की बातचीत कार्ड धारक से नहीं की है। न ही एटीएम व पिन नम्बर पूछे गए थे। अंदेशा है कि कार्ड का क्लोन बनाकर वारदात की गई।
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