video credit : manoj sen/जोधपुर. प्रदेश के दूसरे बड़े शहर जोधपुर में क्षतिग्रस्त सड़कें सुधारने के लिए पिछले एक साल में करीब डेढ़ अरब रुपए से ज्यादा खर्च हो चुके हैं। बावजूद इसके शहर में काम नहीं दिख रहा। जहां काम हो जाता है, वहां थोड़े दिन बाद फिर से सड़कें क्षतिग्रस्त हो जाती हैं। इसके अलावा शहर में लोग आवारा पशु व श्वानों से भी खासे परेशान हैं। शहर के कई प्रमुख मार्गों पर बड़े-बड़े गड्ढे हादसे को न्यौता दे रहे हैं। वहीं बारिश के दिनों में कई जगह गड्ढे के कारण लोग चोटिल हुए हैं। जबकि दूसरी ओर इन्हीं सड़क पर संबंधित महकमे करोड़ों रुपए खर्च किए जाने का हवाला देते हैं। सरदारपुरा, शहर व सूरसागर विधायक कोष से सड़क पर ज्यादा पैसे खर्च नहीं हुए हंै। क्योंकि जेडीए व निगम की ओर से ज्यादातर सड़कों का कार्य करवा दिया जाता है।
यहां हालत खस्ता
वीर दुर्गादास ओवरब्रिज के नीचे, खतरनाक पुलिया व चौपासनी रोड पर खूब गड्ढ़े देखे जा सकते हंै। वहीं जेडीए मार्ग पर हालात ठीक हंै, लेकिन एक किलोमीटर के आगे यहां भी गड्ढों की भरमार है। जिनकी सुध कोई नहीं लेता। इसके अलावा मेहरानगढ़ रोड पर भी खूब गड्ढे देखे जा सकते हैं। जबकि यहां से सर्वाधिक पर्यटक गुजरते हैं। वहीं भीतरी शहर के नायों का बड़ से चांदपोल रोड भी क्षतिग्रस्त है।
चोटिल हो रहे पर्यटक
आवारा पशुओं व श्वानों से शहरवासी ही नहीं बल्कि ऐतिहासिक नगरी जोधपुर में भ्रमण को आने वाले पर्यटक भी परेशान है। भीतरी शहर में कई जगहों पर आवारा पशुओं के हमले से कई पर्यटक घायल हुए हंै। कई पर्यटकों को श्वानों ने काट
एक साल में सड़क पर हुआ खर्च
विभाग ---- व्यय की गई राशि
जोधपुर विकास प्राधिकरण - 40 करोड़ से ज्यादा
नगर निगम - लगभग 100 करोड़
पीडब्ल्यूडी - 20 करोड़ से ज्यादा
ये हैं जिम्मेदार अफसर
नगर निगम व जेडीए आयुक्त
निगम के मुख्य अभियंता व निगम एसई
पीडब्ल्यूडी के एसई
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