पूर्व राजमाता के निधन पर शोक जताने पहुंचे पायलट, पीएम मोदी के कार्यक्रम को बताया पैसे की बर्बादी

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जोधपुर. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट बुधवार सुबह सवा नौ बजे वायुयान से जोधपुर पहुंचे। प्रदेश कांग्रेस सेवादल के संगठक राजेश सारस्वत ने बताया कि पायलट थोड़ी देर सर्किट हाउस में रुके। इसके बाद वे पूर्व राजमाता कृष्णा कुमारी के निधन पर शोक जताने उम्मेद भवन पैलेस पहुंचे। उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से भी मुलाकात की। इस दौरान वे जमकर भाजपा पर बरसे। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि पीएम मोदी राजस्थान आए। इस दौरे को किस पृष्ठभूमि पर रखा गया। यह किसी से छिपा नहीं है। वहीं मुख्यमंत्री की ओर से लगातार किए जा रहे दौरों में जब भीड़ नहीं जुट पाई तो उन्होंने सरकारी पैसा खर्च कर के इस तरह भीड़ जुटाने का प्रयास किया। एक सरकारी कार्यक्रम बना कर पीएम मोदी को बुलाया गया। इसे जनसंवाद का नाम दिया गया। इसमें संवाद तो कहीं नहीं दिखा। विरोध करने वालों को इससे दूर रखा गया। प्रधानमंत्री प्रदेश में आए तो जो उनसे उम्मीद थी वे कुछ भी पूरी नहीं कर पाए। इस दौरान उन्होंने सिर्फ कांग्रेस को कोसा। प्रधानमंत्री किसी पार्टी का नहीं होता वह सिर्फ देश का होता है। जिस प्रकार मुख्यमंत्री ने किसानों की कर्जा माफी के लिए 6 हजार करोड़ का कर्जा लिया। उन्हें ध्यान है कि यह वे अपने कार्यकाल में पूरा नहीं कर पाएंगी और यह भार अगली सरकार पर आएगा। सत्ता जाती हुई देखते हुए उन्होंने सरकारी धन का दुरुपयोग किया। जनता की गाढ़ी कमाई को पानी की तरह बहाया गया।

 

आधे मन से की मुख्यमंत्री की बढ़ाई

 

सचिन पायलट ने कहा कि यहां हुए कार्यक्रम में प्रधानमंत्री आधे मन से मुख्यमंत्री की बढ़ाई कर के चले गए। उन्होंने यह नहीं पूछा कि किसान क्यूं आत्महत्या कर रहे हैं। प्रदेश में बढ़ रहे बालिका अत्याचार के बारे में किसी तरह की बात नहीं की। भाजपा की पार्टी के सत्ता में आने के बाद भ्रष्टाचार बढ़ा है। मुख्यमंत्री को पता है कि वे वापस नहीं आने वाली हैं इसलिए उन्होंने यह कार्यक्रम करवाया। भाजपा ने एक मोर्चा खोल दिया है कि वन नेशन वन पोल। इस नए जुमले से जनता को भ्रमित किया जा रहा है। कहीं कोई यह न पूछ ले कि पेट्रोल-डीजल के दाम कम क्यूं नहीं हो पा रहे हैं। अपने कुकर्मों पर पर्दे डालने का यह तरीका पुराना है भाजपा का। हमने जो लोगों से फीडबैक लिया है उसमें यही बात सामने आई है कि जनता भाजपा से परेशान हो उठी है।

प्रदेशाध्यक्ष एक कॉम्प्रोमाइज कैंडिडेट

प्रदेशाध्यक्ष के तौर पर भाजपा एक कॉम्प्रोमाइज कैंडिडेट को लेकर आई है। यह पहली बार हुआ है कि भाजपा राष्ट्राध्यक्ष की बात को न मानकर मुख्यमंत्री ने अपने व्यक्ति को कमान थमाई है। भले ही किसी को प्रदेशाध्यक्ष बना दो जनता को जब जवाब देने का समय आएगा तो भाजपा के लिए परेशानी हो जाएगी। प्रदेश में बढ़ रहे तीसरे मोर्च पर उन्होंने कहा कि पहले कभी भी तीसरा या चौथा मोर्चा सफल नहीं हुआ। आगे भी वह कभी सफल नहीं हो पाएगा।



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