जोधपुर. केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री गजेंद्रसिंह शेखावत और विधायक सूर्यकांता व्यास नगर निगम की ओर से जारी नोटिस का जवाब सोमवार को दे सकते हैं। निगम की ओर से गत बुध और गुरुवार को अवैध निर्माण के मामले में तीस से अधिक नोटिस जारी किए थे। इनमें शेखावत और व्यास के अलावा भाजपा और आरएसएस के कई नेताओं और इनके रिश्तेदारों के नाम भी थे। एक नोटिस शेरगढ़ विधायक बाबूसिंह राठौड़ के नाम भी जारी हुआ था। हालांकि निगम आयुक्त ओपी कसेरा ने राठौड़ के नाम जारी गलत नोटिस के लिए माफी मांग ली थी। केन्द्रीय कृषि राज्यमंत्री शेखावत को रेजीडेंसी रोड स्थित शोरूम और विधायक व्यास को उनके शास्त्रीनगर स्थित आवासीय भवन में संचालित ट्यूटोरियल को लेकर नोटिस जारी किए थे। निगम की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई को लेकर भाजपा नेताओं ने नाराजगी जताई थी और मामला सीएमओ तक पहुंच गया था। इसीके साथ इस मामले की मॉनिटरिंग निगम से छीनकर जिला प्रशासन को सौंप दी गई थी।
कार्रवाई को लेकर उत्सुकता
केंद्रीय मंत्री और विधायक सहित अन्य प्रभावशाली लोगों के नाम आने से चर्चित इस मामले को लेकर शहर में उत्सुकता बनी हुई है। इस मामले में निगम का रुख अवैध निर्माण गतिविधियों के विरुद्ध जोरशोर से शुरू किए गए अभियान का भविष्य तय करेगा।
40 से ज्यादा नोटिस, साढ़े चौदह सौ कतार में
महापौर और निगम अधिकारियों की गत माह हुई बैठक में शहर के सभी 65 वार्डों में करीब 15 सौ अवैध निर्माण होने की बात सामने आई थी। जबकि निगम ने अब तक महज 40 से ज्यादा नोटिस जारी किए हैं।
कांग्रेस ने भेजा नगर निगम कमिश्नर को प्रशस्ति पत्र
महापौर व अधिकारियों के विवाद के बाद कांग्रेस ने नगर निगम आयुक्त ओमप्रकाश कसेरा को प्रशस्ति पत्र भेजा है। कांग्रेस के संभागीय प्रवक्ता डॉ. अजय त्रिवेदी और महामंत्री लियाकत अली रंगरेज ने एक बयान में कहा कि निगम के हालात शहर में चर्चा का विषय बन गए हैं। निगम बोर्ड व निगम प्रशासन में समन्वय समाप्त होने के बाद भी निगम आयुक्त ने विवेकाधिकार व विशेषाधिकार का प्रयोग कर अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई जारी रखाी है। इससे बोर्ड व महापौर की पकड़ और असर का अंदाजा जनता को लग गया है।
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