जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने गैंगस्टर आनंदपाल की पत्नी राजकंवर की ओर से दायर याचिका को निर्देशों के साथ निस्तारित कर दिया। जस्टिस विजय विश्नोई की अदालत में याचिका पर लम्बी बहस के बाद सीबीआई को जहां निर्देश दिए गए।
वहीं याचिकाकर्ता को भी छूट दी गई है कि प्रतिवेदन को जांच में शामिल नहीं किया जाए, तो दुबारा याचिका पेश कर सकती है। राजकंवर ने एक याचिका पेश कर आनंदपाल के एनकाउंटर की सीबीआई जांच व निष्पक्ष अनुसंधान की गुहार की थी।
राजकंवर ने कहा था कि टोल टैक्स पर सीसीटीवी रिकॉर्डिंग ली जानी चाहिए थी, जिसे नहीं लिया गया। इसके अलावा कॉल डिटेल और टॉवर लोकेशन भी नहीं ली गई। इस प्रकार के मामलों में सुप्रीम कोर्ट की ओर से दिए गए निर्देशों का पालना भी नहीं की जा रही है।
3 सितंबर 2015 को करीब बारह बजे जब आनंदपाल को पेशी पर नागौर ले जाया जा रहा था इस दौरान वह अपने साथियों के साथ फरार हो गया था। जिसके बाद पुलिस मुख्यालय तक में खलबली मच गई। अजमेर रेंज आईजी मालिनी अग्रवाल समेत रेंज के तमाम अफसर उसकी तलाश में जुटे, लेकिन बात नहीं बनी।
जांच और तलाश का दायरा बढ़ते-बढ़ते इतना बढ़ गया कि एसओजी, एटीएस, ईआरटी, क्यूआरटी समेत सात पुलिस टीमों का गठन किया गया। इन टीमों में प्रदेश भर के काबिल बारह आईपीएस, बीस आरपीएस और कई इंस्पेटर लगाए गए।
पूरी टीम में 150 पुलिसकर्मी शामिल किए गए। उसके बाद आनंदपाल की तलाश का काम जो शुरू हुआ वो 24 जून काे मालासर में उसके एनकाउंटर पर जाकर खत्म हुआ।
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