कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में नकल गिरोह अभ्यर्थी लाने वाले को देता था कमीशन, फोन की ये वार्तालाप जान चौंक जाएंगे आप!

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विकास चौधरी/जोधपुर. कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में नकल कराने वाले गिरोह को पकडऩे के लिए जालोरी गेट स्थित कोचिंग सेंटर के डायरेक्टर व अन्य दोनों आरोपी कई दिनों से पुलिस महानिरीक्षक रेंज जोधपुर की टीम के निशाने पर थे। तीनों के मोबाइल नम्बर पर नजर रखी जा रही थी। जैसे-जैसे परीक्षा के दिन पास आने लगे, तीनों के मोबाइल पर आने-जाने वाले कॉल की संख्या बढऩे लगी थी। ऐसे में अनुपम क्लासेज के डायरेक्टर भीखाराम व अरूण के मोबाइल नम्बर 25 जून को इंटरसेप्सन पर ले लिए गए थे। इनके मोबाइल पर होने वाली वार्तालाप रिकॉर्ड की जाने लगी। डायरेक्टर व अभ्यर्थियों के बीच होने वाली बातचीत से साफ है कि आरोपियों ने कई प्रतियोगी परीक्षाओं में फर्जी अभ्यर्थी बिठाकर नकल करवाई। न सिर्फ कांस्टेबल भर्ती परीक्षा बल्कि पीटीआई, लाइब्रेरियन, एलडीसी, लैब सहायक और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में भी नकल करवाने की फिराक में थे।

आरोपी भीखाराम ऑनशीट यानि मूल अभ्यर्थी की जगह दूसरा परीक्षार्थी बिठाने के लिए कोचिंग क्लासेज में अभ्यर्थियों को लाने वालों को मोटा कमीशन भी देता था। अभ्यर्थियों से बातचीत में साफ है कि चार-पांच अभ्यर्थी लाने पर फीस में छूट के साथ ही लाने वाले को प्रति अभ्यर्थी पचास हजार रुपए कमीशन भी देने का प्रलोभन दिया गया था।

भीखाराम के मोबाइल पर होने वाली वार्तालाप के प्रमुख अंश 28 जून 2018

भीखाराम : अच्छा कोई पीटीआइ किया हुआ बंदा है तो बताओ।
लड़का : क्या जुगाड़ है, पेपर है या कुछ?

भीखाराम : पेपर कुछ नहीं, सेंटर पर हेल्प होगी। उसको सलेक्शन से मतलब है। सही तरीके से निकालेंगे।
लड़का : अच्छा।

भीखाराम : कोई पेपर नहीं, सेंटर पर हेल्प होगी।
लड़का : ठीक है बताता हूं। एक बंदा है पूछकर बताता हूं।

भीखाराम व युवती के बीच वार्तालाप

युवती : हैलो सर।
भीखाराम : हां... बोल।

युवती : अच्छा। भूलना मत, मेरे को कांस्टेबल बनाना है। प्रवेश पत्र लेकर आ रही हूं।
भीखाराम : वहां क्या कर रही हो। यहां आ जा। तेरे पापा छह लाख रुपए दे नहीं रहे हैं। यहां पर सभी छोरियां छह लाख रुपए दे रही है।

युवती : इतनी क्या फीस है, छह लाख रुपए। मेरा फिजिकल सही है। दौड़-भाग मैंने पूरी की है। सर, 4 में करवा देना, अब फाइनल है।
भीखाराम : तेरे से 5 से कम नहीं लेंगे। तेरे लाख रुपए का फायदा है।

युवती : बाकी मेरे को पता नहीं। मुझे कांस्टेबल में भर्ती करवाना है। रेलवे का फॉर्म भरा हुआ है। प्रवेश पत्र आते ही मेरे पापा आकर मिल लेंगे।
भीखाराम : ठीक, मैं तेरे से बात में बात करता हूं।

 

फोन चालू रहता है, साइड से आवाज आती है

तेरे को कितने देने हैं, 5 लाख देने। मैं 26 को दूंगा। अब मेरे को आप पीटीआइ के अभ्यर्थी दो। पिछली बार फर्जी प्रमाण पत्र लाए थे। 77 का सलेक्शन हो गया था, लेकिन उनके पास कोई गेट सर्टिफिकेट नहीं होने से कोर्ट रिट लग गई थी। डेढ़ लाख रुपए में सर्टिफिकेट लेकर तो आ गए अपने वाले। लाइब्रेरियन कर ले, सर्टिफिकेट 5 दिन में मिलता है।

पचास हजार कमीशन मिलेगा


युवती : हैलो, हां मामा।

भीखाराम : इनसे ये बात कहना, तेरे पास और कितने अभ्यर्थी हैं तो वो करवा दो। उनको कमीशन कर देंगे। पचास हजार का कमीशन करवा देंगे।
युवती : उसके पास कोई नहीं है।

भीखाराम : उसने कहा है 4-5 कैंडिडेट हैं।
युवती : आपको कहा है तो 4-5 कैंडिडेट का कितना कमीशन होगा।

भीखाराम : यदि चार-पांच कैंडिडेट आते हैं तो प्रति कैंडिडेट पचास हजार रुपए कम कर देंगे। उनका कह दो कि दस लाख में तय कर दो। उनको कमीशन मिल जाएगा।
युवती : ठीक है मैं पूछकर बताती हूं।

थैली तैयार रखना, दो-दो विवाह यानि प्रतियोगी परीक्षाएं हैं

 

सुभाष : हैलो...
भीखाराम : सर, मैं लेट हो रहा हूं। गेट पर ही रहना। थैली तैयार रखना।

सुभाष : आज के आज क्या है, अभी टाइम है।
भीखाराम : विवाह है, आपको पता है। अभी दो विवाह (आगामी प्रतियोगी परीक्षा) में व्यस्त हूं।

सुभाष : अच्छा ठीक है, समझ गया।
भीखाराम : आप अरोड़ा स्वीट पहुंचो।



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