सोनाली बेंद्रे की जोधपुर में मुश्किल दूर, दूसरी मुश्किल शुरू

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जोधपुर.
जोधपुर में फिल्म हम साथ साथ हैं की शूटिंग के दौरान हिन्दी फिल्मों के मशहूर कलाकारों पर हिरण का शिकार करने के आरोप लगे थे। सलमान खान, सैफ अली खान, तब्बू और नीलम के साथ- साथ अभिनेत्री सोनाली बेंद्रे पर भी यह आरोप लगा था। इसके कारण वे बरसों से टेंशन में थीं। उन्हें कुछ अरसा पहले ही जोधपुर की कोर्ट ने शिकार करने के आरोप से बरी कर दिया था। इस तरह उनकी एक मुश्किल दूर हुई ही थी कि अब वो दूसरी मुश्किल में घिर गई हैं। जहां एक ओर उन पहले हिरण का शिकार का आरोप लगा था और अब उन्हें एक गंभीर बीमारी हाईग्रेड कैंसर ने घेर लिया है। वे न्यूयार्क में इलाज करवा रही हैं। सोनाली बेंद्रे के ट्विटर और इंस्टाग्राम पर यह सूचना देने के बाद जोधपुर में भी उनके प्रशंसक चिंतित हो उठे हैं। गौरतलब है कि सोनाली बेंद्रे अरसे से सुर्खियों में नहीं थीं। सोनाली की इस खबर के बाद से उनके फैंस भी काफी परेशान हो गए हैं और उनकी जल्दी ठीक होने के लिए दुआ कर रहे हैं।

खुद कहा - मुझे हाईग्रेड कैंसर है

सोनाली ने पोस्ट में कहा- जब आप जिंदगी से ज्यादा उम्मीदें रखते हैं तो तब वो एक जोर का झटका देती है। कभी-कभी आप जिंदगी से कम से कम उम्मीद करते हैं, तो जीवन आपको एक कर्वबॉल फेंकता है। मुझे हाल ही में हाई ग्रेड कैंसर हुआ है, इसकी आशंका मुझे कभी नहीं थी। एक अजीब से दर्द के बाद एक टेस्ट में इस बीमारी का खुलासा हुआ है। लगातार होने वाले दर्द के बाद मैंने अपनी जांच करवाई, जिसके बाद यह चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई। अदाकारा ने आगे लिखा -इस घड़ी में मेरा परिवार और मेरे दोस्त मेरे साथ हैं और हर संभव तरीके से मेरा साथ दे रहे हैं। मैं उन सबकी शुक्रगुजार हूं और खुद को भाग्यशाली महसूस कर रही हूं।

हाई ग्रेड कैंसर

मेटास्टेटिक कैंसर का मतलब है कि कैंसर शरीर के अन्य हिस्से (या हिस्सों) में भी फैल चुका है। शरीर के जिस हिस्से में ट्यूमर बनती है, अगर वहां से कोशिकाएं टूट कर खून या लिम्फ (लसिका) के माध्यम से शरीर के दूसरे हिस्से में फैलना शुरू हो जाती हैं तो उसे कैंसर का मेटाटाइज होना कहते हैं।

आखिरी स्टेज का कैंसर
विशेषज्ञों के अनुसार जब कैंसर मेटाटाइज होकर शरीर के अन्य हिस्से में भी फैलने लगता है तो उसे आखिरी स्टेज माना जाता है। हालांकि, इस पड़ाव पर भी उपचार संभव है। कैंसर के मरीज को कब कौन सा ट्रीटमेंट देना है, यह फैसला करने से पहले डॉक्टर कैंसर की स्टेज के बारे में पता लगाते हैं। कैंसर की स्टेज का मतलब है कि ट्यूमर का आकार या फैलाव कितने हिस्से तक पहुंच चुका है।

एक्सपर्ट कमेंट

इस मेटास्टेटिक कैंसर कहते हैं। यह एक अंग से दूसरे अंग में जाता है उसे कहते हैं। मसलन पेट, आंत, लीवर या ब्रेन में चला जाता हैै। इस बीमारी का भारत में इलाज संभव है। अगर यह ज्यादा फैला हुआ होता है तो इलाज होना मुश्किल हो जाता है।

- डॉ. प्रदीप गौड़

अध्यक्ष, रेडियो थैरेपी विभाग

मथुरादास माथुर अस्पताल

जोधपुर

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