रेलवे विजिलेंस ने इंजीनियर को रिश्वत लेते पकड़ा; दो माह बाद सीबीआई में केस दर्ज कराया

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जोधपुर. रेलवे की जयपुर विजिलेंस ने उदयपुर के सीनियर सेक्शन इंजीनियर अजय प्रताप विक्रम को 28 हजार रुपए की रिश्वत लेते दो महीने पहले पकड़ा था, मगर उसे सीबीआई के हवाले नहीं किया इसलिए वह गिरफ्तारी से बच गया। बाद में जब नाॅर्थ-वेस्ट रेलवे के जनरल मैनेजर ने आपराधिक प्रकरण दर्ज कराने के निर्देश दिए तो विजिलेंस इंस्पेक्टर ने सीबीआई में एफआईआर दर्ज कराई है। सीबीआई के पास यह अनोखा केस आया है जो मामला तो रिश्वत लेने का है, परंतु बरामदगी किसी और ने ही की है। इस तरह पूरा केस विजिलेंस की रिपोर्ट पर टिक गया है, इसमें गवाह बदल गए तो चार्जशीट करना मुश्किल हो जाएगा।    दो महीने तक कार्रवाई पर कोई एक्शन नहीं हुआ: सीबीआई ने बताया कि कैरिज एंड वैगन डिपो उदयपुर के लीनन ठेकेदार ने जयपुर में चीफ विजिलेंस ब्रांच में 11 मई को शिकायत दी थी। उसने बताया था कि सीनियर सेक्शन इंजीनियर अजय प्रताप विक्रम उसके पेडिंग बिल पास करने के लिए 30 हजार रुपए की रिश्वत मांग रहा है। ब्रांच ने 24 मई को विजिलेंस जांच शुरू की। जांच के दौरान शिकायत का सत्यापन कराया तो अजय प्रताप 28 हजार रुपए लेने को...

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