विकास चौधरी/जोधपुर. प्रदेश में कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में पांच से सात लाख रुपए लेकर फर्जी अभ्यर्थियों को बिठाकर नकल करवाने वाला गिरोह सक्रिय है। पुलिस महानिरीक्षक (रेंज) कार्यालय के कांस्टेबल हरिराम को दो-ढाई माह पूर्व यह सूचना मिली थी। आईजी हवा सिंह के निर्देश पर वह पूरी तरह गिरोह के पीछे लग गया। जालोरी गेट स्थित अनुपम क्लासेज के संचालक भीखाराम, अरूण कुमार व सुरेश विश्नोई पर नजर रखी जाने लगी। इनके मोबाइल नम्बर सर्विलेंस पर ले लिए गए। तीनों जने अभ्यर्थियों से कोड वर्ड में ही बात करते थे।पुलिस ने कोचिंग सेंटर में जाकर कांस्टेबल भर्ती परीक्षा के लिए डेकॉय अभ्यर्थी बन कर कोचिंग भी ली। ताकि वहां होने वाली हर गतिविधि के बारे में पुख्ता जानकारी जुटाई जा सके। मेहनत व प्रयास के बाद पुलिस ने मंगलवार रात एक-एक कर तीनों को हिरासत में लिया और पूछताछ शुरू की। इनसे मिली जानकारी के आधार पर एक फोटो स्टूडियो संचालक और सात अभ्यर्थियों को पकड़ा गया। एक अभ्यर्थी लाइब्रेरियन भर्ती परीक्षा का शामिल है। जांच के बाद बुधवार को खाण्डा फलसा थाने में मामला दर्ज करवाकर सभी को गिरफ्तार किया गया। भीखाराम के भाई जगदीश जाणी की तलाश की जा रही है। शर्तिया चयन करवाने वाले कोचिंग सेंटर पुलिस की नजर में है।
गारंटी के साथ चयन का ठेका लेते थे आरोपी
एसपी (ग्रामीण) राजन दुष्यंत ने बताया कि ऑनशीट या डीटीएच के लिए अभ्यर्थियों से सौदा होने के बाद आरोपी ऑफिस की बजाय शहर के अलग-अलग उद्यान में बुलाते थे, जहां राशि का लेन-देन करते थे। वे गारंटी के साथ चयन कराने वालों का ठेका लेते थे।
पचास से साठ अभ्यर्थियों से करोड़ों रुपए
जांच व तलाशी में आरोपियों के पास मिक्सिंग वाले आठ फोटो बरामद हो चुके हैं। यानि आठ अभ्यर्थी आरोपियों को राशि दे चुके हैं। इसके अलावा पुलिस को अंदेशा है कि करीब पचास से साठ अभ्यर्थी और ऐसे हैं जिनसे सौदा हो चुका था। इस प्रकार आरोपी करोड़ों रुपए ऐंठने की फिराक में थे।
मिलीभगत वाले परीक्षा केन्द्रों की सूची बरामद
पुलिस को आरोपियों के कब्जे से ऐसे परीक्षा केन्द्रों की सूची भी मिली है, जहां मिलीभगत से अभ्यर्थियों को नकल कराने की साजिश थी। साथ ही कई ऐसे युवकों की जानकारी भी हाथ लगी है जो फर्जी अभ्यर्थी बनने वाले थे। दो-तीन दिन में और गिरफ्तारी होने की संभावना है।
हर प्रतियोगी परीक्षा के लिए अलग-अलग रेट
- कांस्टेबल भर्ती परीक्षा : 6 लाख रुपए प्रति अभ्यर्थी
- पीटीआई भर्ती परीक्षा : 10 लाख रुपए
- लाइब्रेरियन भर्ती परीक्षा : 2 से 4 लाख रुपए
गिरफ्त में आए आरोपियों की नकल में भूमिका
- भीखाराम जाणी, अरूण कुमार व सुरेश कुमार
भीखाराम अपने कोचिंग संस्थान में पढऩे वाले और पूर्व में परिचित होशियार युवकों की फोटो असली परीक्षार्थी से मिलते-जुलते हुलिए के आधार पर मिलान करके फोटो स्टूडियो वाले से एडिटिंग कराते थे। इस तीसरी फोटो को प्रवेश पत्र के नीचे लगाते। फिर फर्जी अभ्यर्थी को परीक्षा केन्द्र पर बिठाते थे।
- रामदीन बेनीवाल
लाइब्रेरियन भर्ती परीक्षा में चयन के लिए भीखाराम से पांच लाख रुपए में सौदा तय किया था। दो लाख रुपए अग्रिम लेकर आने पर पकड़ा गया।
- रमेश प्रजापत
खेमे का कुआं पर न्यू आईजी स्टूडियो का संचालक। भीखाराम के लिए परीक्षार्थियों के लिए फोटो की एडिटिंग व मिक्सिंग करना।
- रघुवीर सिंह विश्नोई
कांस्टेबल भर्ती परीक्षा के लिए पांच लाख रुपए में सौदा तय किया। जयपुर, अजमेर, जोधपुर, भीलवाड़ा, कोटा व बूंदी से आवेदन पत्र भरवाए गए। दो लाख नौ हजार पांच सौ रुपए अग्रिम देते पकड़ा गया।
- भंवरलाल विश्नोई
ऑनशीट यानि अभ्यर्थी की जगह फर्जी अभ्यर्थी बिठाने में मदद के लिए अलग-अलग युवकों के फोटो लेकर आना और मिक्सिंग के लिए भीखाराम से सम्पर्क करना और पकड़े जाना।
- हरिनारायण विश्नोई
अजमेर, भीलवाड़ा, कोटा, बूंदी, 7वीं आरएसी व प्रतापगढ़ से कांस्टेबल भर्ती परीक्षा के आवेदन पत्र भरवाए। भीखाराम से ऑनशीट के लिए सम्पर्क किया।
- मालाराम विश्नोई
जोधपुर पुलिस कमिश्नरेट से परीक्षा का आवेदन पत्र भरा। भंवरलाल के मार्फत भीखाराम से सम्पर्क करने आया तो पकड़ा गया।
- मनीष विश्नोई
अजमेर व जोधपुर से आवेदन पत्र भरे। भंवरलाल के मार्फत भीखाराम से ऑनशीट के लिए पांच लाख रुपए में सौदा तय किया। फोटो मिक्सिंग के लिए आने पर पकड़ा गया।
- निर्मल पालीवाल
कांस्टेबल व कांस्टेबल चालक के लिए बाड़मेर, जालोर, पाली, जयपुर, जैसलमेर से आवेदन पत्र भरे। भीखाराम से पांच लाख रुपए में सौदा तय किया। फोटो मिक्सिंग के लिए भीखाराम से सम्पर्क करने पर पकड़ा गया।
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