गजेंद्रसिंह दहिया/जोधपुर. प्रदेश की सबसे बड़ी परीक्षा राजस्थान प्रशासनिक सेवा RAS में टॉप रहने के बावजूद आठ महीने से नौकरी का इंतजार कर रहे टॉपर भवानीसिंह चारण सहित अन्य अभ्यर्थियों ने जोधपुर में मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे से मिलकर नौकरी देने की मांग की। अभ्यर्थियों ने कहा कि उन्हें मजबूरी में फिर से आरएएस की नई परीक्षा के लिए आवेदन करना पड़ रहा है। राजे ने अभ्यर्थियों को जल्द नियुक्ति देने का आश्वासन दिया। उधर, राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) अगले सप्ताहांत फुल कमिशन की बैठक करने जा रहा है। बैठक में आरएएस-2016 के 725 अभ्यर्थियों की नियुक्ति पर फैसला होने की उम्मीद है।
गौरतलब है कि आरएएस-2016 का परीक्षा परिणाम आठ महीने पहले घोषित हो चुका है, लेकिन राज्य सरकार ने अभ्यर्थियों को अब तक नियुक्ति नहीं दिए जाने से परीक्षा में टॉपर रहे चारण सहित अन्य मजबूरी में फिर से आरएएस-2018 का फॉर्म भरना पड़ा है। नौकरी नहीं मिलने को लेकर सफल परीक्षार्थी खासे चिंतित हैं। इस समस्या का जल्द समाधान निकले इसके लिए उन्होंने सीएम से गुहार लगाई। इसके बाद उम्मीद की एक किरण दिखने लगी है।
सरकारी उदासीनता से अटका है मामला
आरपीएससी ने आरएएस-2016 में बिना सोचे-समझे एसबीसी वर्ग को 5 फीसदी आरक्षण देकर कुल आरक्षण 54 फीसदी कर दिया था। कोर्ट द्वारा आरक्षण रद्द करने के बाद सामान्य वर्ग के 19 अभ्यर्थी कोर्ट में गए। आरपीएससी ने एहतियात बरते हुए इन अभ्यर्थियों को आरएएस मुख्य परीक्षा में बैठा दिया। 19 में से 18 अभ्यर्थी परीक्षा में बैठे। हाल ही कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए इन अभ्यर्थियों के लिए अलग से मुख्य परीक्षा लेने व इसमें सफल होने पर साक्षात्कार लेने के आदेश दिए हैं। यहां विशेष बात यह है कि कोर्ट ने 725 अभ्यर्थियों की नियुक्ति पर किसी भी तरह की रोक नहीं लगाई है, फिर भी आरपीएससी और कार्मिक विभाग इसको लेकर उलझे हुए हैं।
अगले सप्ताह हो जाएगा निर्णय
अगले सप्ताह फुल कमिशन की बैठक होगी। इसमें आरएएस-2016 अभ्यर्थियों की नियुक्ति संबंधी प्रक्रिया को लेकर अंतिम निर्णय किया जाएगा।
शिवसिंह राठौड़, सदस्य, राजस्थान लोक सेवा आयोग, अजमेर
from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/2yBRotT
0 comments:
Post a Comment