- 4 में से 3 फार्मासिस्ट अब भण्डार में नहीं
- एक फार्मासिस्ट को बनाया सुपरवाइजर
जोधपुर. भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) के जयपुर मुख्यालय से आया एक पत्र जोधपुर सहकारी उपभोक्ता होलसेल भण्डार की फाइलों में दबा पड़ा है। एसीबी ने इस पत्र में भण्डार के चार फार्मासिस्टों सहित 5 कर्मचारियों पर आपराधिक मुकदमा चलाने की विभागीय अनुमति मांगी थी। इन चार में से तीन फार्मासिस्ट अब भण्डार की सेवा में नहीं हैं, जबकि एक फार्मासिस्ट को भण्डार ने पदोन्नत करके सुपरवाइजर बना दिया है।एसीबी ने 2011 में दर्ज एक मुकदमे में एमडीएम अस्पताल स्थित सहकारी भण्डार प्रभारी विक्रम देथा, भण्डारी के प्रभारी फार्मासिस्ट सुधीर शाक्या, अमिताभ शर्मा, तत्कालीन सुपरवाइजर सुमेरसिंह और कनिष्ठ लिपिक मनीष अरोड़ा के विरुद्ध चालान प्रस्तुत करने की तैयारी में है। एसीबी जयपुर मुख्यालय ने दिसम्बर 2017 में विभागीय अनुमति के लिए भण्डार को पत्र लिखा था। मेडिकल स्टोर में लाखों का गबन करने वाले विक्रम देथा व सुधीर शाक्या भण्डार छोड़कर चले गए और सुमेरसिंह सेवानिवृत्त हो चुका है। मनीष अरोड़ा वर्तमान में भण्डार में कार्यरत है। एसीबी ने भण्डार के तत्कालीन महाप्रबंधक सत्यनारायण भाटी और देवेंद्र अमरावत की भूमिका बाबत इनके विरुद्ध टिप्पणी सहकारिता विभाग को भेजने का निर्णय किया है। भाटी सेवानिवृत्त हो चुके हैं और अमरावत नागरिक सहकारी बैंक में महाप्रबंधक है।
13 लाख की शॉर्टेज, बनाया सुपरवाइजर
भण्डार के जिले में स्थित 42 दवा काउंटरों व 9 सुपर मार्केट के 31 मार्च को हुए भौतिक सत्यापन में 40 लाख रुपए की शॉर्टेज आई थी। इसमें से 13 लाख रुपए अकेले अमिताभ शर्मा के मेडिकल स्टोर की थी। मामला सामने आने के बाद भण्डार ने सभी से वसूली कर ली। भण्डार ने सर्वाधिक शॉर्टेज वाले शर्मा को पदोन्नत करके मेडिकल सुपरवाइजर बना दिया।
कार्यवाई जारी
सहकारी भण्डार के फार्मासिस्ट व कार्मिकों के विरुद्ध मुकदमा चलाया जाएगा। इस मामले में एसीबी से पत्र आया है, जिस पर कार्यवाही जारी है।
पूरणसिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, एसीबी, जोधपुर
हमने एसीबी से कुछ पूछा है
एसीबी से कुछ जानकारी मांगी है। वैसे किसको सुपरवाइजर बनाएंगे या नहीं, यह हमारा मामला है।
रामसुख चौधरी, महाप्रबंधक, जोधपुर उपभोक्ता होलसेल सहकारी भण्डार
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