जोधपुर शहर में बिना स्वीकृति ही बन रहे रेस्टोरेंट और अस्पताल

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जोधपुर .
शहर के शिकारगढ़ मार्ग और डिगाड़ी गांव में बिना स्वीकृति अवैध निर्माण धड़ल्ले से जारी है। कई बार शिकायतों के बाद अब जोधपुर विकास प्राधिकरण में जाग हुई। सोमवार को टीम कार्रवाई के लिए यहां पहुंची। टीम ने यहां अवैध निर्माण को रुकवाया। हालांकि टीम यहां बिना सीज कार्रवाई किए लौट आई।
जेडीए से उपायुक्त पूर्व श्रवणसिंह राजावत ने बताया कि डिगाड़ी गांव से शिकारगढ़ की ओर जाने वाले मार्ग पर बिना स्वीकृति रेस्टोरेंट, होटल, एक हॉस्पिटल और दुकानों का निर्माण किया जा रहा था। इसकी लम्बे समय से शिकायतें मिल रही थी। सोमवार को प्रवर्तन निरीक्षण संतोष कुमार के नेतृत्व में उडऩ दस्ता मौके पर पहुंचा। उस मार्ग कई स्थानों पर बिना स्वीकृति निर्माण किया जा रहा था। इस पर टीम ने दस्तावेज मांगे तो मौके पर काम कर रहे श्रमिकों ने अनभिज्ञता दर्शाई। इस पर टीम ने काम रुकवाया और निर्माण कार्य के औजार जब्त किए। चेतावनी दी और लौट आई टीम जेडीए की टीम ने मौके पर न तो अवैध निर्माण ध्वस्त करवाया और न ही सीज की कार्रवाई की। श्रमिकों के औजार लिए और पाबंद किया। एेसे में यह कार्रवाई भी एक बारगी तो फोरी होती ही साबित हो रही है। पिछले १५ दिन में तीन कार्रवाई जेडीए के अतिक्रमण निरोधी दस्ते ने पिछले १५ दिन में तीन स्थानों पर अतिक्रमण निरोधक कार्रवाइयां की हैं। इनमें झालामंड चौराहे और अजमेर मार्ग पर की गई कार्रवाई भी शामिल हैं। इससे पहले अतिक्रमण निरोधी दस्ते ने रीको को आवंटित जमीन से बाड़ और झालामंड चौराहे के पास मार्ग पर टिन शेड व संकेतक हटाए थे।

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जलदाय कर्मचारियों की हड़ताल स्थगित, सरकार ने मानी मांगे

जोधपुर. राजस्थान जलदाय कर्मचारी महासंघ की ओर से प्रस्तावित जलदाय कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल को सोमवार को स्थगित कर दिया गया है। महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष रमेशसिंह चौहान, प्रदेश महामंत्री बाबूलाल यादव के नेतृत्व में प्रमुख शासन सचिव रजत मिश्रा की अध्यक्षता में शासन सचिवालय में विस्तार से मांगों पर वार्ता की गई। प्रदेश संगठन मंत्री रामदयाल परिहार ने बताया कि श्रमिकों की प्रमुख मांगों में 30 वर्षों से वर्कचार्ज श्रमिकों को नियमित नहीं किया गया एवं कोई पदोन्नति का लाभ नहीं दिया गया था। प्रमुख शासन सचिव ने यह मांगे मानी। साथ ही 27 वर्षीय चयनित वेतनमान पर 5000-8000 की वेतन श्रृंखला का लाभ देने, 380 पदों को स्टोर मुंशी बनाने के लिए 10 जून से शीघ्र आदेश जारी करने का आश्वासन दिया गया। इन आश्वासनों के बाद मांगें मान ली गई।



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