Jodhpur: मामला उछला तो 40 में से 34 लाख जमा करा गए

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जोधपुर . सहकारिता विभाग की ओर से दस साल में पहली बार नियमानुसार जोधपुर उपभोक्ता सहकारी होलसेल भण्डार के मेडिकल स्टोर और सुपर मार्केट के काउंटरों का भौतिक सत्यापन करने पर ४० लाख रुपए की शॉर्टेज निकाली गई थी। मामला सार्वजनिक होने और राज्य मानिवाधिकार आयोग की ओर से इस मामले में स्वत: प्रसंज्ञान लेने के बाद अब तक ४० में से ३४ लाख रुपए जमा हो चुके हैं और शेष छह लाख रुपए की वसूली भी जल्द हो जाएगी, लेकिन भण्डार व सहकारिता विभाग ने पिछले नौ साल में अवैध भौतिक सत्यापन के बारे में चुप्पी साध रखी है।

रेलवे स्टेशन के सामने स्थित राजीव गांधी सहकारी भवन में संचालित जोधपुर उपभोक्ता होलसेल सहकारी भण्डार के 42 मेडिकल स्टोर और 9 सुपर मार्केट में इस साल 28 मार्च से लेकर 4 अप्रेल तक हुए फिजिकल वैरिफकेशन में 40 लाख की दवाइयां और किराणा शॉर्ट मिला। राजस्थान पत्रिका ने इस मामले में 13 मई के अंक में ‘40 लाख की दवा और किराणे के सामान का गोलमाल!’ शीर्षक से समाचार प्रकाशित कर मामला सार्वजनिक किया। जिस पर राज्य मानवाधिकार आयोग ने स्वत: प्रसंज्ञान लेकर सहकारी भण्डार से सभी 42 दवा काउंटरों की 10 साल की रिपोर्ट मांगी है। भण्डार को यह रिपोर्ट 12 जून तक आयोग के समक्ष पेश करनी है। आयोग द्वारा प्रसंज्ञान लेने के एक सप्ताह के भीतर ही शॉर्टेज के 40 में से 34 लाख रुपए जमा हो गए हैं। इसमें से 5.51 लाख रुपए किराणा स्टोर संचालकों और केवल 51 हजार रुपए ही फार्मासिस्टों के बकाया है।

पुराने गबन का हिसाब कौन देगा?
भण्डार के मेडिकल स्टोर व सुपर मार्केट पर पिछले दस साल से फर्जी भौतिक सत्यापन हो रहा था। इंस्पेक्टर केवल दवाइयों के दुकानों पर जाते और जो भी स्टॉक फार्मासिस्ट दिखाते, उस पर साइन कर देते थे। भण्डार न तो इंस्पेक्टरों को अपनी आेर से स्टॉक सूची उपलब्ध करवाता था और न ही लायबिलिटी सूची। गबन की जानकारी केवल ऑडिट रिपोर्ट में ही सामने आती। ऑडिट रिपोर्ट के मुताबिक सहकारी भण्डार में सात साल में 2.37 करोड़ का गबन दर्ज हुआ है। यह गबन 42 मेडिकल स्टोर के फार्मासिस्टों और 9 किराणा काउंटरों के सेल्समैनों ने किया है।

शेष 6 लाख भी आ जाएंगे

इंस्पेक्टरों ने भौतिक सत्यापन में त्रुटि रख दी थी। उन्होंने मेडिकल स्टोर व किराणा काउंटरों पर २७ से ३१ मार्च तक बिके सामान की रसीद को स्टॉक में नहीं गिना। इसके कारण शॉर्टेज निकली है। अब तक ४० में से ३४ लाख रुपए आ गए हैं। शेष छह लाख भी जल्द जमा हो जाएंगे।
रामसुख चौधरी, महाप्रबंधक, जोधपुर उपभोक्ता होलसेल सहकारी भण्डार



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