गर्मी पर भारी पड़ रहा आस्था का सफर, श्रद्धालु कष्ट सह कर पूरी कर रहे भोगिशैल परिक्रमा

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जोधपुर। आस्था के महाअनुष्ठान भोगिशैल परिक्रमा के दूसरे दिन शुक्रवार को अलसुबह प्रथम पड़ाव रातानाडा से रवाना
हुआ। श्रद्धालुओं का सैलाब दूसरे पड़ाव स्थल चौपासनी स्थित श्याम मनोहर प्रभु के दरबार में शीश नवाने पहुंचा। मंगल संकीर्तन एवं जैकारा लगाते श्रद्धालुओं का हुजूम रिक्तियां भैरुजी मंदिर एवं लोकदेवता बाबा रामदेव के दरबार मसूरिया मंदिर में शीश नवाने के बाद करीब 15 किमी दूरी पैदल तय कर चौपासनी पहुंचा। भोगिशैल यात्रियों में पुष्टिमार्गीय परम्परा के श्याम मनोहर प्रभु मंदिर में सुबह मंगला आरती दर्शन के प्रति खासा उत्साह नजर आया। पड़ाव स्थल के परिक्रमा स्थल सुंदर बालाजी मंदिर के पास भी दर्शन का तांता लगा रहा। मार्ग में जगह-जगह परिक्रमा यात्रियों के लिए निशुल्क सहगारी अल्पहार की व्यवस्था की गई।

आगे शुरू होगी दुर्गम यात्रा

 

भोगिशैल परिक्रमा अपने तीसरे पड़ाव बड़ली के लिए शनिवार सुबह प्रस्थान करेगी। इस दौरान श्रीजी की बैठक के दर्शन के बाद अरना-झरना तीर्थ, भद्रेशिया महादेव मंदिर के दर्शन करते हुए करीब 15 किमी की दूरी तय करेंगे। तीसरे दिन का परिक्रमा मार्ग अत्यंत पथरीला, क्षतिग्रस्त व दुर्गम होने के कारण रास्ते को सुबह बनाने का प्रयास किया गया है ।

हरिनाम संकीर्तन करती पहुंची महिलाएं


उल्लेखनीय है कि पुरुषोत्तम मास में आस्था का सात दिवसीय अनुष्ठान भोगिशैल परिक्रमा गुरुवार को ध्वज पूजन व शोभायात्रा के साथ शुरू हो गई है। परिक्रमा में शामिल पदयात्री भीषण गर्मी के बावजूद दोपहर से पहले पड़ाव स्थल रातानाडा क्षेत्र में जमा हुए थे। ग्रामीण क्षेत्र से आई अधिकांश महिलाएं हाथ में पानी की बोतलें और सिर पर बैग उठाए हुए पूरी तैयारी के साथ आई थीं। मारवाड़ सहित गोड़वाड के विभिन्न ग्रामीण अंचल से रंग-बिरंगे परिधानों में हरिनाम संकीर्तन करती पहुंची महिलाओं का उत्साह देखते ही बनता था। प्रथम पड़ाव स्थल रातानाडा क्षेत्र में सहकारी बाजार, भाटी चौराहा पर लगे विशाल शामियानों में जगह-जगह गूंजते भक्ति गीतों पर झूमते श्रद्धालुओं से माहौल भक्तिमय नजर आया। पड़ाव स्थल पर लगे पंडाल, चौराहे, फुटपाथ भी श्रद्धालुओं से भरे नजर आए। परिक्रमा यात्रा समिति की ओर से श्रद्धालुओं के लिए नि:शुल्क भोजन, अल्पहार व छाया के लिए टेन्ट की व्यवस्था की गई। विनायकिया स्थित बिछडिय़ा गजानंदजी एवं रातानाडा स्थित गणेश मंदिर में अपराह्न बाद श्रद्धालुओं के पहुंचने का शुरू हुआ जो देर शाम तक अनवरत जारी रहा था।



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