पीपाड़सिटी. सरकार ने गरीबी की रेखा से नीचे यानि बीपीएल श्रेणी के लोगों के लिए कई तरह की योजनाएं शुरू की है ताकि उनका जीवन स्तर सुधारा जा सके। इस श्रेणी में पहले शामिल लोग तो इन योजनाओं का लाभ उठा रहे है, मगर सर्वे के बाद नए जुडऩे वाले लोग इन योजनाओं का लाभ उठाने से वंचित है। बीपीएल श्रेणी में अब जिन लोगों का चयन हो रहा है। उन्हें ऑनलाइन सूचना नहीं मिल रही है। सरकार ने वेबसाइट से वह ऑप्शन ही हटा दिया है जिसके चलते वे स्वयं अपने स्तर पर ही अपने चयन का पता कर योजनाओं का लाभ उठा सकते है। पांच माह पूर्व चयनित एेसे बीपीएल भी योजनाओं के लाभ से वंचित है, जिन्होंने ऑनलाइन सर्च कर अपने नाम वाली सूची डाउनलोड नहीं की है।
अब दिखती है केवल संख्या
पांच माह पहले कोई भी गूगल पर जाकर बी पी एल 2002 सर्च करता तो राज्य सरकार की वेबसाइट खुल जाती, उसमें जिला, पंचायत समिति, ग्राम पंचायत के ऑप्शन पर क्लिक करते तो संबंधित गांव के चयनितों की पूरी सूची खुल जाती और आवेदक अपने नाम वाले पेज का प्रिंट ले लेता और उसे केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं के आवेदन के साथ संलग्न कर देता। पिछले कुछ महीनों से यह सुविधा उसे वेबसाइट पर नहीं मिल पा रही है। अब वेबसाइट तो खुल रही है पर पंचायत के ऑप्शन में क्लिक करने पर सूची नहीं खुलती है सिर्फ चयनितों की संख्या और परिवारो की अंको में लिखी संख्या ही स्क्रीन पर आ रही है। नाम देखने का ऑप्शन हटा दिया गया है। इसके चलते इस वेबसाइट की उपयोगिता ही खत्म हो गई है। ई मित्र संचालकों की माने तो उनके यहां सूची का प्रिंट लेने के लिए रोजाना पांच-छह लोग आ रहे है, सुविधा न होने की वजह से उन्हें निराश लौटना पड़ रहा है।
जरूरी हैं सूची लगाना
यूँ तो गरीबों के बी पी एल कार्ड बने हुए है फिर भी खाद्य सुरक्षा योजना, प्रधान मंत्री ग्रामीण आवास योजना, दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना सहित कुछ अन्य योजनाओं में बीपीएल श्रेणी के आवेदको को आवेदन के साथ ऑनलाइन सूची जहाँ आवेदक का नाम क्रमांक सहित हो अनिवार्य रूप से संलग्न करनी पड़ती है। इसके अभाव में चयनित गरीब का आवेदन ख़ारिज कर दिया जाता है।
केस : 1
बासनी खारिया के पवन कुमार का नाम खाद्य सुरक्षा योजना में केवल इस कारण नही जुड़ पा रहा कि ऑनलाइन सूची खुल नहीं रही है और वह उसकी प्रति नहीं ले पा रहा है।
केस : 2
मथानिया के जयपाल सिंह बी पी एल चयनित है लेकिन पंचायत कर्मचारी हार्ड कॉपी के पूर्ववर्ती पंचायत समिति में बता कर एफ एस एस के आवेदन पर हस्ताक्षर नहीं कर रहे है।
केस : 3
पीपाड़सिटी शहरी क्षेत्र के दानाराम मेघवाल का डीजीटल राशन कार्ड ऑनलाइन बी पी एल सूची के अभाव में ई-मित्र केंद्र पर आवेदन अपलोड नहीं हो पा रहा है।
इनका कहना है
केंद्र सरकार गरीबों को सरकारी योजनाओं के लाभ से अघोषित तरीके से अलग करने का षडयंत्र रच रही है।
संगीता बेनीवाल, जिलाध्यक्ष, देहात महिला कांग्रेस, जोधपुर
गरीबों को कोई सुनवाई नही है। बी पी एल चयनित लोग ऑनलाइन सूची के अभाव में भटक रहे है।
बाबूलाल लीलड़, पूर्व सरपंच, साथीन
बीपी एल सूचियों का ऑनलाइन सार्वजनिक नहीं होने की जानकारी नही है इसका पता करवाता हूँ।
प्रदीप के. गवाड़े, सीईओ, जिला परिषद, जोधपुर।
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