एसीबी पहुंची दिल्ली, गृह मंत्रालय में एसएसए के कार्यालय की होगी जांच, कई और नामों को हो सकता है खुलासा

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- एसएसए की रिमाण्ड अवधि बढ़ाई, तीनों मध्यस्थों को जेल भेजा

 

जोधपुर . वीजा एक्सटेंशन व भारतीय नागरिकता दिलाने के लिए संबंधित दस्तावेज तैयार कराने की एवज में रिश्वत लेने के मामले में मुख्य आरोपी केन्द्रीय गृह मंत्रालय के वरिष्ठ सचिवालय सहायक (एसएसए) पंकजकुमार मिश्रा को एसीबी की टीम गुरुवार को दिल्ली ले गई। वहां उसके कार्यालय में रिश्वत लेने से संबंधित दस्तावेजों व अन्य संदिग्धों के बारे में जांच की जाएगी। इससे पहले अदालत ने तीनों मध्यस्थों को जेल भेज दिया, जबकि एसएसए की रिमांड अवधि तीन दिन और बढ़ा दी गई।
आरोपी मिश्रा, पाक विस्थापित मध्यस्थ अशोक, गोविंद व भगवानाराम का रिमाण्ड पूरा होने पर को एसीबी ने गुरुवार को एसीबी मामलात की अदालत में पेश किया। तीनों मध्यस्थों को जेल भेज दिया गया। मजिस्ट्रेट ने मिश्रा की रिमाण्ड अवधि तीन दिन बढ़ाने के आदेश दिए। गौरतलब है कि 17 मई की मध्यरात्रि एसीबी ने डीपीएस बाइपास स्थित होटल के कमरे से चारों आरोपियों को हिरासत में लिया था। जांच व पूछताछ के बाद शुक्रवार रात एफआईआर दर्ज कर चारों को गिरफ्तार किया गया था।

 

गृह मंत्रालय में ऑफिस की होगी जांच
जांच कर रहे एसीबी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पूरणसिंह भाटी दोपहर में मिश्रा को लेकर दिल्ली रवाना हुए। वहां गृह मंत्रालय में मिश्रा के चैम्बर व रिश्वत से जुड़ी पत्रावलियों के बारे में भी जांच होगी। रैकेट में शामिल अन्य कर्मचारियों की भूमिका के बारे में भी पड़ताल की जाएगी।

 

कई और नाम आ सकते हैं सामने
आरोपियों को पेश करने व मिश्रा की रिमाण्ड अवधि बढ़ाने को लेकर हुई सुनवाई के दौरान विशिष्ट लोक अभियोजक ने अदालत में बताया कि एसीबी जल्द ही मामले का पूरा खुलासा करेगी। इस रैकेट में कई और नाम सामने आ सकते हैं।

 

यह है मामला
सीमा पार से आने वाले निर्धन व प्रताडि़त पाकिस्तान विस्थापितों के वीजा एक्सटेंशन व नागरिकता संबंधी दस्तावेज तैयार करने की एवज में रिश्वत लेने के आरोप में केन्द्रीय गृह मंत्रालय के वरिष्ठ सचिवालय सहायक और बतौर मध्यस्थ पाक के तीन विस्थापितों को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने गिरफ्तार किया है। इनसे हजारों रुपए, दो सौ मूल पासपोर्ट, वीजा एक्सटेंड, वीजा क्षेत्र स्थानान्तरण, गृह मंत्रालय से पाक विस्थापितों के पत्राचार संबंधी दस्तावेज जब्त किए गए हैं। राज्य सचिवालय के सहायक अनुभाग अधिकारी के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अधीक्षक (एसीबी) अजयपाल लाम्बा के अनुसार इस मामले में गृह मंत्रालय के वरिष्ठ सचिवालय सहायक (एसएसए) पंकज कुमार (पीके) मिश्रा के साथ जोधपुर में रह रहे पाक विस्थापित नागरिक अशोक पुत्र मोहनलाल, डाली बाई मंदिर के पास अम्बेडकर नगर निवासी भगवानराम पुत्र जीवनराम व नेहरू नगर निवासी गोविंद पुत्र मेवोमल को गुरुवार आधी रात डीपीएस बाइपास स्थित होटल कस्तूरी ऑर्किड से हिरासत में लिया गया। इनके कब्जे से वीजा व नागरिकता संबंधी कई दस्तावेज और हजारों रुपए जब्त किए गए। इनमें गोविंद कोर्ट परिसर में स्टाम्प वेंडर, अशोक टाइप राइटर व भगवान की कपड़े की दुकान है। एसपी व एएसपी सहीराम विश्नोई ने गुरुवार रात और शुक्रवार दिनभर आरोपियों से पूछताछ कर जब्त दस्तावेज खंगाले। इनमें रिश्वत लेने के आरोप प्रमाणित पाए गए। देर रात जयपुर स्थित एसीबी मुख्यालय में मामला दर्ज कर चारों को गिरफ्तार कर लिया गया। एफआईआर में राज्य सचिवालय (चतुर्थ) के सहायक अनुभाग अधिकारी कुन्दनलाल पुत्र हनुमान पर भी आरोप है, जो अब तक पकड़ में नहीं आया है।



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