जोधपुर।
नया वित्तीय वर्ष शहरवासियों के लिए अच्छे दिन लेकर आया है या नही इसका जवाब वे दे नहीं पा रहे है लेकिन उनके लिए खाना-पीना, घूमना-फिरना,आभूषण बनवाना महंगा होने से वे सहमे हुए हैं कि घर गृहस्थी कैसे चलाए। मध्यम वर्गीय लोगो को इसका सबसे बड़ा खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। कारण इसमें अधिकांश लोग नौकरी पेशा है, उनका घर मासिक पगार पर चलता है। शहरवासियों को खाने पीने व घूमने के अलावा पहनावा भी महंगा होने से कमर टूटती नजर आ रही है। एंटरटेनमेंट के साधन हो या सौन्दर्यकरण प्रसाधन ये भी महंगे हो चले हैं। मिनरल वाटर महंगा, चीनी महंगी, डोसा, इडली,तंदूरी रोटी और सब्जी रेस्टोरेंट में महंगी हो चली है। मल्टीप्लैक्स में जाकर या फिर केबल टीवी पर घर बैठे फिल्म देखना भी महंगा हो गया है। लम्बा सफर करने वालों के लिए एक अप्रेल से हवाई व रेल टिकट महंगा हो चला है। बसों को किराए पर लेकर धार्मिक यात्राएं महंगी हो चली है। घर बदलने वाले पैकर्स एवं मूवर्स महंगे हो गए, वाहन में कार खरीदने पर एक फीसदी सेस बढा दिया गया। डीजल गाड़ियों पर 2.5 फीसदी टैक्स बढ गया है। एसी कारों पर 4 फीसदी टैक्स बढ़ गया तो ब्यूटी पार्लर की सेवा महंगी होे चली है। हीरे के गहने भी महंगे हो गए, ब्रॉंडेड कपड़े महंगे हो गए, सिगरेट, पान मसाला महंगा हो गया, लेकिन बीड़ी सस्ती हो गयी है। यहां तक कि बीमा पॉलीसी भी महंगी हो चली है। शहर में शादियों का दौर शुरू हो चला है, इसमें आभूषण बनवाने के लिए पहले तो आमजन को भागमभाग इसलिए करनी पड़ी क्योंकि देशभर की तरह जोधपुर में भी स्वर्णकारों की सफल हड़ताल थी, अब आभूषण पर एक फीसदी उत्पाद शुल्क लगने से आमजन को सोना 38 हजार रुपए तोला के हिसाब से खरीदना पड़ रहा है।
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