पढ़ाई-ट्रेनिंग और गोलियां साथ खाईं, मौत आई तो अकेला छोड़ गया दोस्त
Dangiyawas news |
नागौर में गुढ़ा भगवानदास निवासी हरेंद्र (सबसे बाएं) ने बताया कि वह और खुमाराम (सबसे दाएं) बचपन से दोस्त थे।
जोधुपर (राजस्थान). मैं और खुमाराम एक ही गांव के रहने वाले हैं। हमने पढ़ाई से लेकर पुलिस ट्रेनिंग तक साथ में की और एक साथ नागौर पुलिस लाइन में तैनात थे। सोमवार रात को ठेहट गैंग का पीछे करते समय बदमाशों ने फायरिंग की तो गोलियां भी हम दोनों को एक साथ लगीं, लेकिन मौत आई तो वह मुझे अकेला छोड़ गया। यह कहना है नागौर पुलिस के क्यूआरटी के जवान हरेंद्र चौधरी का, जो बदमाशों की फायरिंग में चार गाेलियां लगने के बाद यहां एमडीएम अस्पताल में आईसीयू में भर्ती है। दोनों जवानों ने पांच गोलियां खाने के बाद किए थे 14 फायर...
क्या हुआ था मुठभेड़ के दौरान
- नागौर (राजस्थान) में 21 मार्च की एक गैंगस्टर को खत्म करने पहुंचे दूसरी गैंग के शार्प शूटर्स का पुलिस से एनकाउंटर हो गया।
- नाकेबंदी के दौरान इन गैंगस्टर्स ने एके47 से पुलिस पर गोलियां चला दीं। इसमें जवान खुमाराम की मौत हो गई।
हरेंद्र ने और क्या बताया
- हरेंद्र ने बताया कि वह और खुमाराम हमेशा की तरह पुलिस लाइन में शाम को खाना खाने की तैयारी में थे।
- तभी अलार्म बजा और बताया गया कि किसी गैंग को पकड़ना है। हमें यह नहीं बताया गया कि वे कौन हैं और उनके पास कैसे हथियार हैं।
- इसके बाद वे अपनी टीम के साथ बोलेरो में गए और नाकाबंदी में लग गए।
- तभी अलाय गांव के पास उन्हें बदमाशों की फॉरच्यूनर गाड़ी नजर आई तो उन्होंने उनका पीछा शुरु कर दिया।
बदमाशों का किया था पीछा
- गांव में वे बदमाशों की गाड़ी से महज 15 मीटर की दूरी पर थे तो उन्होंने अधिकारियों से उन्हें पकड़ने के लिए परमिशन मांगी।
- लेकिन हथियारों से लैस बदमाशों के क्रॉस फायरिंग करने की स्थिति में गांव वालों की जान पर जोखिम होने की आशंका के चलते उन्होंने पीछा जारी रखा।
- इसके बाद गुढ़ा से कालड़ी रोड पर उन्हें रोड के किनारे बदमाशों की कार दिखाई दी तो वे गाड़ी 100 मीटर दूरी पर खड़ी कर उन्हें पकड़ने के लिए उतरे।
- हरेंद्र के अनुसार वह ड्राइवर सीट के पास और खुमाराम ड्राइवर के पीछे की सीट पर बैठा था।
- दोनों ही सबसे पहले नीचे उतरे तो बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी।
- फायरिंग में खुमाराम के कमर के नीचे दो गोलियां लगने पर उसने कहा, यार मुझे गोली लग गई।
- इस पर उसने भी अपने पैर दिखाते हुए कहा, यार मुझे भी गोलियां लग गईं।
- इसके बावजूद दोनों ने अपनी टीम के साथ बदमाशों पर करीब 14 राउंड फायर किए।
- खुमाराम कुछ देर बाद जमीन पर गिर गया, हरेंद्र उसे कवर कर उठाने गया तो हरेंद्र के आंख के पास से एक गोली गुजरी, इसके बाद बदमाश मौके से फरार हो गए।
दोनों ने साथ की थी पढ़ाई
- नागौर में गुढ़ा भगवानदास निवासी हरेंद्र ने बताया कि वह और खुमाराम बचपन से दोस्त थे।
- दोनों ने गांव में स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद बीएड की, लेकिन इस दौरान उनका पुलिस में सिलेक्शन हो गया।
- बीकानेर में ट्रेनिंग के बाद वे क्यूआरटी टीम में नागौर पुलिस लाइन में तैनात थे।
जवान को पुलिस लाइन में दी सलामी
- कॉन्स्टेबल खुमाराम की एमडीएम अस्पताल लाते समय रास्ते में मौत हो गई थी।
- मंगलवार को उसका शव पुलिस लाइन ले जाया गया।
- वहां पुलिस कमिश्नर अशोक राठौड़ सहित अन्य अधिकारियों ने कांस्टेबल को श्रद्धांजलि अर्पित की, सलामी भी दी गई।
- इसके बाद शव को नागौर के लिए रवाना कर दिया गया।
हरेंद्र गोली लगने की वजह से घायल हो गया है, हॉस्पिटल में उसका इलाज चल रहा है
मुठभेड़ में कई जवान घायल हुए हैं
बदमाशों ने एके 47 से पुलिस जवानों के ऊपर हमला किया था
खुमाराम और हरेंद्र एक साथ पढ़े लिखे हैं, दोनों ने एक साथ ट्रेनिंग भी पूरी की
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