अमिताभ बच्चन ने राष्ट्रगान के लिए नहीं लिए 4 करोड़ रुपए

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अमिताभ बच्चन ने राष्ट्रगान के लिए नहीं लिए 4 करोड़ रुपए

शनिवार 19 मार्च की देर शाम कोलकाता का आसमान जमकर बरसने के बाद स्याह काला था और एक तरह से भारत और पाकिस्तान के मैच पर भी ग्रहण लगता हुआ दिखाई दे रहा था लेकिन आठ बजे के बाद अंपायरों ने टी20 विश्व कप के इस मैच को 18-18 ओवर का मुकर्रर किया तो क्रिकेट दीवानों के चेहरों पर रंगत आ गई।..और इसी रंगत का आलम टीवी से चिपके दोनों मुल्कों के करोड़ों क्रिकेटप्रेमियों पर भी था.

.आईसीसी की रस्म के मुताबिक दोनों मुल्कों के राष्ट्रगान की रस्‍म निभाई गई लेकिन भारत का राष्ट्रगान 'जन मन गण अधिनायक जय हे, भारत भाग्य विधाता' गाने वाले सदी के महानायक अमिताभ बच्चन पर जब बदले में 4 करोड़ रुपए लेने का मैसेज वायरल हुआ तो दिल भीतर तक दु:खी हो गया। रविवार को साफ हो गया कि अमिताभ ने पैसे लिए ही नहीं, ये मैसेज पूरी तरह झूठा था...
ईडन गार्डन पर अमिताभ बच्चन राष्ट्रगान की प्रस्तुति देते हुए अमिताभ बच्चन जैसी शख्सियत को पसंद करने वाले, उनकी जादूई आवाज पर मंत्रमुग्ध होने वाले दुनियाभर में अरबों लोग हैं। जब यह ऐलान हुआ था कि कोलकाता के ईडन गार्डन में खुद अमिताभ देश का राष्ट्रगान प्रस्तुत करेंगे तो पूरा हिंदुस्तान रोमांचित हुए बिना नहीं रहा था। हिंदुस्तानियों को यही लगा कि वे तो घर बैठे ही 'करोड़पति' हो गए...ईडन का ऐतिहासिक मैदान..भारत और पाकिस्तान के बीच टी20 विश्व कप का रोमांचभरा मुकाबला..और वहां अमिताभ बच्चन की मौजूदगी...यह 'त्रिवेणी' रोमांच में डुबकी लगाने भर के लिए काफी थी। मैच शुरू होने के ठीक पहले स्क्रीन पर पाकिस्तान का राष्ट्रीय ध्वज चांद-सितारा आया और उसके बाद पाकिस्तान की तरफ से शफकत अमानत अली ने पाकिस्तान का राष्ट्रगीत प्रस्तुत किया और पूरी पाक टीम इस राष्ट्रगान को गाती रही। इसके बाद स्क्रीन पर तिरंगा छाया और माइक पर अमिताभ बच्चन ने 'जन गण मन अधिनायक जय हे, भारत भाग्य विधाता'..की प्रस्तुति दी। पूरा स्टेडियम खड़े होकर इसे गुनगुनाता रहा...

भारत की पाकिस्तान पर 6 विकेट से जीत के बाद अमिताभ बच्चन जोश में काफी देर तक तिरंगा लहराते रहे बस, इस प्रस्तुति के बाद अमिताभ बच्चन अंबानी परिवार और सचिन के परिवार के साथ दर्शकों के बीच मैच का आनंद लेने चले गए। जब वे मैच का लुत्फ ले रहे थे, तब सोशल मीडिया पर एक मैसेज वायरल हो गया, जिसने अमिताभ के प्रशंसकों को सकते में डाल दिया। मैसेज ये था कि अमिताभ बच्चन ने राष्ट्रगान गाने के बदले में बंगाल क्रिकेट एसोसिएशन (कैब) से 4 करोड़ रुपए लिए।

'कैब' ने सचिन तेंदुलकर,सुनील गावस्कर, वीरेन्द्र सहवाग और अमिताभ बच्चन को सम्मानित किया
पूरा देश और पूरी बॉलीवुड बिरादरी जानती है कि अमिताभ बच्चन किस हैसियत का नाम है। क्या कोई भरोसा कर सकता है कि फर्श से अर्श तक पहुंचा यह सितारा इतना तंग दिल हो सकता है कि अपने ही देश के राष्ट्रगान के परफॉर्मेंस के लिए 4 करोड़ के कागज के टुकड़ों की मांग करे? नहीं..अमिताभ के लिए ऐसी बात जेहन में लाने की कोई जुर्रत भी नहीं कर सकता। और इसी खबर को नकारा है, खबरिया चैनल 'एबीपी न्‍यूज' ने अपनी खबरों के माध्‍यम से। 'एबीपी' का कहना है कि यह खबर बिलकुल झूठ है, अमिताभ बच्‍चन ऐसा नहीं कर सकते। लेकिन यह हुआ है..सोशल मीडिया पर जो मैसेज वायरल हुआ उसमें कहा गया कि अमिताभ ने राष्ट्रगान के लिए 4 करोड़ रुपए लिए।

समझने वाली बात यह है कि जो इंसान दिल का इतना अमीर हो, उसके आगे 4 करोड़ की क्या बिसात? जब रविवार को इस मैसेज का पोस्टमार्टम हुआ तो ये साफ हुआ कि अमिताभ द्वारा 4 करोड़ रुपए लेने वाला मैसेज झूठा था। इस मामले में खुद बंगाल क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष और पूर्व कप्तान सौरव गांगुली को सामने आना पड़ा। सौरव ने खुद कहा कि मैं अमिताभ जी की बहुत इज्जत करता हूं। मैं उनका शुक्रगुजार हूं कि वो ईडन गार्डन में आए और उन्होंने हमारा राष्ट्रगान गाने का प्रस्ताव स्वीकार किया। मैंने उनसे कहा कि आप कुछ पैसे ले लें लेकिन उन्होंने साफ इनकार कर दिया। सौरव के अनुसार, अमिताभ ने इस मैच को देखने के लिए खुद के पैसों से टिकट लिया, होटल का खर्च भी खुद उठाया, फ्लाइट के टिकट का भुगतान भी खुद के पैसों से किया। इस मैच के लिए अमिताभ ने 30 लाख रुपए खर्च किए थे लेकिन बदले में एक रुपया भी नहीं लिया। सौरव गांगुली ने यह भी कहा कि अमिताभ ने बड़ी विनम्रता से पैसे लेना अस्वीकार करते हुए कहा, 'मैं जिस मकसद के लिए यहां आया हूं, वो बहुत महान है। किसी भी भारतीय के लिए राष्ट्रगान की प्रस्तुति देना सौभाग्य की बात है। वो लोग मेरे हमेशा दिल के करीब रहते हैं जो इस काम के बदले में कोई पैसे नहीं लेते।' वाकई, आज जो अमिताभ बच्चन का कद है, उस पर हर भारतीय फख्र महसूस करता है,

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