भारत- पाकिस्तान: ऐसा देश है तेरा, जैसा देश है मेरा
जनाब सरहदें और इंसान ही नहीं, पाकिस्तान और भारत में ऐसा बहुत कुछ ऐसा कॉमन है, जो दोनों मुल्कों के पास है. जानिए कुछ ऐसे ही जगहों के बारे में, जो सरहद के इस तरह भी हैं और उस तरफ भी.
बंटवारा हुआ तो पढ़ना थोड़ी छोड़ देंगे. पंजाब यूनिवर्सिटी पाकिस्तान के लाहौर में है तो साड्डे चंडीगढ़ में भी है. 1882 में बनी पंजाब यूनिवर्सिटी मुल्क के दोनों तरफ है.
गूगल सर्च में नौनिहालों को और समझने में ज्ञानियों को दिक्कत न हो इसलिए दोनों मुल्कों में पंजाब यूनिवर्सिटी की स्पेलिंग अलग रखी गई है. यूनिवर्सिटी की स्पेलिंग भारत में PANJAB और पाकिस्तान में PUNJAB है.
हमारी PANJAB यूनिवर्सिटी से पूर्व पीएम मनमोहन सिंह, कल्पना चावला जैसे दिग्गजों ने पढ़ाई की थी.
2. जामा मस्जिद
कॉपी पेस्ट का खेल है. शाहजहां ने दिल्ली में 1644-1656 में बनवाई जामा मस्जिद. बेटे औरंगजेब को लगा, पापा ने सही पीस खड़ा कर दिया. लेट मी ऑलसो ट्राई.
लिहाजा मजदूरों को दी जामा मस्जिद की फोटो और कहा- बनाओ बे फटाफट पापा जैसा मास्टरपीस. 1671-73 के बीच बनकर तैयार खड़ी हुई जामा मस्जिद की हुबहू कॉ़पी. नाम रखा गया बादशाही मस्जिद.
3. कश्मीर
सारी लड़ाई की खूबसूरत जड़ है कश्मीर. पाक की निगाह कश्मीर पर. कश्मीर की निगाह आजादी पर. पर कश्मीर ठहरा भारत का ‘अभिन्न अंग’. मगर हजरात, बंटवारे के वक्त इस ‘अभिन्न अंग’ का एक टुकड़ा लेने में पाकिस्तान भी कामयाब रहा था.
अपने इस भारतीय स्विटजरलैंड पर इतना भी गुरूर मत कीजिए, पाकिस्तान ने आजाद कश्मीर के नाम से अपने आंचल में एक स्विटजरलैंड बसा रखा है.
4. गुजरात
मितरों, विकास मॉडल वाला गुजरात तो आप जानते ही हैं. लेकिन एक गुजरात पाकिस्तान में भी है. अब ये न सोचने लगिएगा कि पड़ोसी मुल्क ने नकल करके गुजरात हाल फिलहाल में बनाया है.
जोधा के हब्बी मुगल बादशाह अकबर ने बसाया था ये गुजरात. पाकिस्तानी पंजाब प्रांत का शहर गुजरात. चनाब और झेलम नदी के किनारे बसा गुजरात.
5. हैदराबाद
भाईलोग भारतीय हैदराबाद तो हो गया तेलंगाना और आंध्र प्रदेश की राजधानी. पर पड़ोसी मुल्क के सिंध प्रांत में भी एक हैदराबाद खिलता बसता है. अपने सूफी अंदाज के लिए ये हैदराबाद शहर मशहूर है. और भारतीय हैदराबाद बिरयानी और चारमीनार के लिए.
भारतीय हैदराबाद 1591 में मुहम्मद कुली कुतब शाह ने बसाया था और पाकिस्तानी हैदराबाद की लीला साफ हुई AD 711 में मोहम्मद बिन कासिम और राजा दाहिर की पेलम पिलैया यानी लड़ाई के बाद. कासिम जीते थे.
6. वॉल्ड सिटी
यानी शहर का मजबूत दीवारों, दरवाजों से घेराव. पुराने जमाने में राजा बादशाह शहर की सुरक्षा दीवारे- दरवाजे बनाकर बांट देते थे. बंटवारे से पहले के भारत के शासकों ने शहरों में सुरक्षा के लिहाज से ऐसे ही दरवाजे बनाए. शाहजहां ने 1638 से 1649 तक दिल्ली को 14 गेट बनाकर सुरक्षित कर दिया. दिल्ली गेट, लाहौरी गेट, कश्मीरी, मोरी, काबुली, अजमेरी, तुर्कमान गेट कुछ नाम हैं.
लाहौर में भी 13 गेट हैं. मसलन देहली गेट, मोची गेट, भट्टी गेट, तक्साली गेट, मस्ती गेट. दोनों देशों में आज भी कई वॉल्ड सिटी हैं.
7. पंजाब
बहुत बड़ा था पंजाब. आजादी के बाद दो हिस्सों में बंट गया. पश्चिमी पाकिस्तान भारत को मिला और पूर्वी पाकिस्तान को. बंटवारे के वक्त हुए दंगों को सबसे ज्यादा मार झेलने वालों में पंजाब का बड़ा हिस्सा शामिल था. आज पंजाब पाकिस्तान का एक प्रांत है और भारत का हरा भरा राज्य.
बंटवारे के वक्त भारत के पास जो पंजाब बचा है उसका क्षेत्रफल 50,362 वर्ग किलोमीटर और पाकिस्तानी पंजाब के पास 205,344 वर्ग किलोमीटर है.
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