डांगियावास । जम्मू में आतंकवादियों से लोहा लेते हुए ब्रज का एक और लाल शहीद हो गया। शहीद समोद चौधरी गोवर्धन के गांव भवनपुरा का रहने वाला थे। बुधवार देर रात खबर पहुंची तो पूरा गांव गम में डूब गया। शहीद का शव शुक्रवार को पहुंचने की संभावना है।
किसान बच्चू के दो पुत्रों में छोटे समोद चौधरी (30वर्ष) बारह वर्ष पूर्व सेना में भर्ती हुए थे। वर्तमान में वह जम्मू के वादीपुरा में तैनात थे। कुछ दिन पूर्व ही गांव से छुट्टी बिताकर ड्यूटी पर गए। बुुधवार देर रात समोद के शहीद होने की खबर गांव पहुंची।
गुरुवार को पूरे गांव में शहीद समोद की ही चर्चा रही। बुजुर्गों और ग्रामीणों ने इस बात की जानकारी से घर की महिलाओं को वंचित रखा। ग्रामीणों के अनुसार जम्मू में आतंकवादियों के विरुद्ध स्पेशल आपरेशन में समोद शहीद हुए। गुरुवार को दोपहर में वादीपुरा संपर्क करने पर पता चला कि शव शुक्रवार को पहुंचेगा। शहीद जवान समोद का विवाह 10 वर्ष पूर्व भरतपुर के गांव बरसो निवासी सीमा से हुआ था। उनके दो बेटे शिवम (9) और नकुल (7) हैं।
"मायड़ जीणे तो एडा जीणेे क दाता क सुर। नही तो रहिजे बाजडी मती गवाजे नूर।"
भारत के जवान एवं वीर योद्धा,
गोवर्धेन के भवनपुरा के सपूत समोद चौधरी ने आतंकवादियों
के साथ मुठभेड़ मे अपने प्राणो को देश के लिये न्योछावर
कर दिया । शहीद को सत सत नमन एवं श्रद्धांजलि ।
# मालाणी_के_लाल_तेरे_को_दंडवत_प्
रणाम
खैर समोद चौधरी पैसों के लिए नही मरा, वह तो राष्ट्र के लिए शहीद हुआ है । अपना बचपन का सपना पूरा कर गया ।
फूल झर गया,सुवास फ़ैल गयी ।
एक शूरवीर आत्मा, अन्नंत विलीन में खो गयी । # सामोद चौधरी आज भी कह रहा है -
हम दिन चार रहे न रहे ..........
तेरा वैभव अमर रहे मां,,,,,,,,,,
शहीद समोद चौधरी अमर रहे —
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