युवाओ में बढती नशे की प्रवर्ति । एक अभिशाप

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डांगियावास । युवाओ में बढती नशे की प्रवर्ति । एक अभिशाप

कहते है न की इंसान जिस संगती में रहता है वेसी उसके कार्य करने की शेली हो जाती है । जी हा यह बिलकुल सही कहा गया है
अगर शुरू में ही किसी व्यक्ति को सही इंसान की संगत हो जाती है तो वो आगे चलकर सद्मार्ग पर चलेगा और खुद का और समाज का भला करनेकीु कोशिश करेगा । परन्तु अगर उसकी संगत व्यसन वादी इंसान से हो गई तो उसकी जीन्दगी के साथ साथ वो पुरे समाज को गर्त में ले जाने की और सोचेगा । हमारे समाज में बहुत सारी कमिया है जो उसके सर्वागीण विकास में बाधक है और इसमें सबसे बड़ा रोग है नशा ।
यह एक ऐसा रोग है जो अगर किसी भी संपन व्यक्ति को सड़क पर ला सकता है और उसकी हालत को दयनीय बम सकता है । इसकी जद में आने के बाद इंसान चाह कर भी बाहर नही निकल सकता और अंदर ही अंदर धस्ता जाता है । यह हमारे समाज को खोखला कर रहा है । विशेष तौर से युवा पीडी इसके दुस्प्रभाव से ज्यादा ग्रषित है ।
हालाँकि सरकार और समाजसेवको दुआर यह निरंतर प्रयास किया जाता है की इसके प्रभाव को कम किया जाए पर कुछ स्वार्थी और सामाजिक तत्व निरंतर इसे बढावा दे रहे है जो हमारे समाज और देश के लिए घातक सिद्ध हो रहा है
समाज में बदलाव की सोच रखने वाले बहुत से बुद्धिजीवी हमेशा इसका विरोध करते आये है और इसी कड़ी में
वन्दे मातरम् क्लब dangiyawas की अनूठी पहल के तहत सोशल नेटवर्क पर चल रहे ग्रुप की सहायता से करीब 100 युवाओं से स्वेच्छा से नशा मुक्ति का संकल्प लिया और जीवन में नशे से दूर रहने तथा गाँव गाँव जाकर अन्य राह भटके युवाओं को भी नशे के प्रति जागरूक किया जाएगा ताकि इससे बर्बाद होती युवा पीढ़ी की पुन सद्मार्ग पर लाकर राष्ट्रनिर्माण में युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जाए।

सौजन्य से :            अतुल dhinda
                           ओम डांगी
                           राजकुमार सिंह आज़ाद
whatsapp ग्रुप   युवाओ की पंचायत

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