सर्व प्रथम तो मैं अपनी पार्टी का सदस्य होने के नाते अपनी हार स्वीकार करता हूँ।
हम उन लोगो में से नही है,जो मौके का फायदा उठा कर दल बदलने में विश्वास रखते है।
पर हमारी हार का मुख्य कारण भीतर घात् रहा है।
लोगो ने पार्टी प्रमुख को अंत तक अपने समर्थन के भरोसे में रखा। और वोट विपक्ष में दिया।
वैसे लोकतंत्र है,सबको अपना मत स्वतंत्र रूप से देने का अधिकार है।
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