भारत की सेना ने हाफिज सईद के मंसूबों पर फेरा पानी
Indian army white-washes motives of Haafiz Saeed
नई दिल्ली। जम्मू कश्मीर में बाढ़ प्रभावितों की मदद के लिए भारत की सेना ने जो काम किया है वह काबिले तारीफ है। सेना ने बाढ़ में फंसे कश्मीरियों को बचाकर उनका दिल जीत लिया है। कभी "आर्मी गो बैक" के नारे लगाने वाले कश्मीरी लोग अब सेना को सैल्यूट कर रहे हैं।
सेना के काम ने आतंकी संगठन "जमात उद दावा" के प्रमुख और मुंबई हमले के मास्टर माइंड हाफिज सईद और उसके जैसे अन्य आतंकियों के मंसूबों पर पानी फेर दिया है जो आजाद कश्मीर के नाम पर कश्मीर के लोगों को भड़काने की कोशिश करते रहते हैं। बाढ़ जैसी विभिषिका के वक्त भी हाफिज सईद ने अपनी गंदी मानसिकता का परिचय देते हुए भारत के खिलाफ जहर उगला। हाफिज सईद ने भारत पर "जल आतंकवाद" की तोहमत मढ़ दी।
गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर में आई बाढ़ से पाक अधिकृत कश्मीर भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है। सईद ने कहा था कि "मोदी सरकार पाक अधिकृत जम्मू-कश्मीर की देखरेख नहीं कर सकती है, तो आजाद कश्मीर के लिए क्या करेगी? अगर हो सके तो उन्हें आजाद कर दो।"
मोदी सरकार रही विफल
हाफिज सईद ने टि्वट कर कहा कि, जमात उल दवा कश्मीर और पूरे भारत के परेशान हो रहे लोगों की मदद को तैयार है। मोदी कश्मीरियों की मदद करने में नाकाम रहे हैं। सईद ने कहा था कि मोदी कश्मीरियों की मदद करने में विफल रहे हैं इसलिए उसका संगठन कश्मीर और भारत की मदद करना चाहता है। साथ ही सईद ने यह भी टि्वट किया कि बाढ़ के लिए भारत जिम्मेदार है, उसने पाकिस्तान को बिना सूचना दिए पानी छोड़ दिया। जो सूचना दी वह भी गलत दी, यह खुले रूप में धोखाधड़ी है।
अब ये कह रहे कश्मीरी
बाढ़ से तबाह जम्मू-कश्मीर में फिजां बदली हुई नजर आने लगी है। घाटी में सेना का विरोध करने वाले और "गो बैक" का नारा लगाने वाले अब सेना के मुरीद हो गए हैं। सेना ने जान जोखिम में डाल लोगों को बचाने का अभियान छेड़ रखा है, उससे लोगों की मानसिकता बदल गई हैं अब वे अब वे "इंडियन आर्मी जिंदाबाद..." के नारे लगा रहे हैं। सेना के प्रति लोगों में आदर बढ़ा है, वहीं विपदा की घड़ी में राज्य सरकार को नाकाम बता रहे हैं।
सेना बनी देवदूत
उमर अब्दुल्ला सरकार के रवैये से लोग गुस्से में हैं। उनका कहना है कि राज्य सरकार कुछ नहीं कर रही है, जो कुछ भी हो रहा है, वह सेना की बदौलत हो रहा है। पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस नेता सैफुद्दीन सोज श्रीनगर में राहत कार्य का जायजा लेने एक कैंप में पहुंचे तो लोग भड़क गए। लोग राज्य सरकार की नाकामी और अधिकारियों के गैरहाजिर होने से भड़क गए। लोगों ने "सोज वापस जाओ" और "भाड़ में जाओ" के नारे लगाते हुए लगभग उन्हें खदेड़ दिया।
आखिरी आदमी के बचाने तक नहीं बैठेंगे चैन से
इसी बीच सेना प्रमुख जनरल दलबीर सिंह ने कहा है कि जब तक यहां फंसा हर एक शख्स को बचा नहीं लिया जाएगा, हम चैन से नहीं बैठेंगे। यहां चुनौती हर एक अंतिम छोर तक पहुंचने की है क्योंकि वॉटर करंट के चलते बचाव कार्य में कहीं-कहीं दिक्कत आ रही है। हमें हमारे नुकसान का हिसाब लगाने का समय नहीं मिला है, लेकिन हमारी पहली प्राथमिकता लोगों को बचाने की
है
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