शोले : हिन्दू विरोधी कहानी

पोस्ट पसंद आये तो लाइक जरुर करे ?


गाँव में सिर्फ एक ही परिवार मुल्ले का होता हैं। तथा गाँव में ही मस्जिद बनी होती हैं। उस मुल्ले की गाँव के बाकी के लोगों से ज्यादा इज्जत करी जाती हैं। गाँव में ठाकुर व डाकिया के अलावा सिर्फ उसी का बेटा नौकरी लगता हैं। जब गब्बर उसके बेटे को मार देता हैं तो उसका सीना फुल कर चौड़ा हो जाता हैं तथा उसके बेटे को शहीद की उपाधि दे दी जाती हैं। मुल्लों की देशभक्ति का यह उदाहरण देकर लोगों का brainwash कर दिया जाता हैं।       बसंती द्वारा उस मुल्ले को मस्जिद तक छोड़कर आना दिखाया जाता हैं।        मंदिर गाँव के बाहर होता हैं, वहाँ बसंती के अलावा ओर किसी को पूजा करते हुए नहीं दिखाते हैं। बसंती द्वारा मंदिर में पूजा या आरती करने के बजाए भगवान से अच्छा पति माँगते हुए दिखाया जाता हैं तथा फिर धर्मेन्द्र को शिवजी का अपमान करते हुए दिखाया जाता हैं अंत में अमिताभ बच्चन द्वारा धर्मेन्द्र की नौटंकी बसंती को दिखा दी जाती हैं। ऐसा दिखाकर आम जनता के दिमाग का शिकार कर लिया गया हैं, जिससे नवयुवक यह सोचने लग जाते हैं मंदिर में जाने से कुछ नहीं होता हैं इसलिए वे लड़कियाँ टापने मंदिर जाया करते हैं।

गाँव में सिर्फ एक ही परिवार मुसलमान  का होता हैं। तथा गाँव में ही मस्जिद बनी होती हैं। उस मुसलमान की गाँव के बाकी के लोगों से ज्यादा इज्जत करी जाती हैं। गाँव में ठाकुर व डाकिया के अलावा सिर्फ उसी का बेटा नौकरी लगता हैं। जब गब्बर उसके बेटे को मार देता हैं तो उसका सीना फुल कर चौड़ा हो जाता हैं तथा उसके बेटे को शहीद की उपाधि दे दी जाती हैं। मुसलमान की देशभक्ति का यह उदाहरण देकर लोगों का brainwash कर दिया जाता हैं।
बसंती द्वारा उस मुसलमान को मस्जिद तक छोड़कर आना दिखाया जाता हैं।
मंदिर गाँव के बाहर होता हैं, वहाँ बसंती के अलावा ओर किसी को पूजा करते हुए नहीं दिखाते हैं। बसंती द्वारा मंदिर में पूजा या आरती करने के बजाए भगवान से अच्छा पति माँगते हुए दिखाया जाता हैं तथा फिर धर्मेन्द्र को शिवजी का अपमान करते हुए दिखाया जाता हैं अंत में अमिताभ बच्चन द्वारा धर्मेन्द्र की नौटंकी बसंती को दिखा दी जाती हैं। ऐसा दिखाकर आम जनता के दिमाग का शिकार कर लिया गया हैं, जिससे नवयुवक यह सोचने लग जाते हैं मंदिर में जाने से कुछ नहीं होता हैं इसलिए वे लड़कियाँ टापने मंदिर जाया करते हैं।
Share on Google Plus

About Atul

This is a short description in the author block about the author. You edit it by entering text in the "Biographical Info" field in the user admin panel.

0 comments:

Post a Comment