अंग्रेजो के ज़माने से जादा अंग्रेजियत अभी अंग्रेजो के जाने के बाद इस देश में हो गयी | महात्मा गाँधी, भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद का सपना अभी अधुरा है, स्वतंत्र भारत का सपना अभी अधुरा है |
अंग्रेजो का एक बड़ा चालाकी भरा कदम ये था के भारत में कुछ भी करो कानून के नाम पर करो, भारत को लूटना है तोह कानून बना कर लूटो, बर्बाद करना है तोह कानून बना कर बर्बाद करो जिसे Rule of Law कहा जाता है जिसमे कुल 34735 कानून थे | दुर्भाग्य से ये सब कानून आज़ादी के 65 साल बाद भी चल रहा है इसे बदला नही गया |
अंग्रेजो ने सन 1860 में एक कानून बनाया Indian Police Act इस कानून का एक ही मकसद था भारत के क्रांतिकारियों को, आज़ादी की बात करने वाले लोगोको पोलिस के अत्याचार से परिसान करना | भारत में हजारो चक्रबर्ती सम्राट हुए किसी ने भी पोलिस नही बनायीं, देश की रक्षा करने के लिए सेना बनायी पर प्रजा पर अत्याचार करने के लिए पोलिस किसीने नही बनायीं | Indian police act में हर पोलिसे अधिकारी को right to offence है पर पीटने वाले को right to defense नही है | इस्कमत्लब है के कोई पोलिस अधिकारी आपको डंडे से पिटे तोह ये अधिकार है उसका आप अगर उसके डंडे को रोक नही सकते किउंकि ये आपका अधिकार नही अगर पोलिस वाला डंडा मर रहा है और आप ने डंडा पकड़ा तोह कानून आपके खिलाफ है पोलिस वाले के समर्थन में है |
शहीद इ आज़म भगत सिंग का आखरी इच्छा थी के उनके जाने के बाद भारतबासी सबसे जादा कौशिश इस बात की करे के अंग्रेजो का बनाया गया ये कानून हमेशा के लिए ख़तम किया जाये और किसी अंग्रेज अधिकारियो को ये अधिकार न मिले के वो किसी भी भारतबासी लाठी बरसाए | आज़ादी के बाद इस देश के bonafide सिटिज़न जो इस देश के मालिक है, जिनके वोते से इस देश की सरकारे चुनी जाती है, जिनके नोट से इस देश के पोलिस अधिकारीयों का बेतन तै होता है उन लोगो के ऊपर पोलिस का बर्बरता से लाठीचार्ज होता है और अभी भी लोग वैसे ही मरते है जैसे अंग्रेजो के ज़माने में मरा करते थे |
https://www.youtube.com/watch?v=Q0sgeH_Dn8w
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