डांगियावास स्टेशन का दृश्य है, सुबह का लगभग 09 बजे है, एक टाटा इंडिका कार, जिसका नंबर RJ 20 CA 5960 है | इंडिका सवार गाड़ी से उतर जाता है किसी का इन्तजार करने लग जाता है | ठीक 0940 बजे
RJ 19 PB 0186 स्लीपर बस आकर रूकती है,बस कंडक्टर जल्दी उतरता है और बस की डिक्की खोलता है,इंडिका सवार व्यक्ति इसमें उसकी मदद करता है और उसके बाद डिक्की मे से कुछ सामान जो की प्लास्टिक बोरी में भरा हुआ होता है,उतारता है और इंडिका में रखने लगता है | ये सामान लगभग 7-8 बोरी e होता है | जब हमने इसके बारे में बस ड्राईवर से बात करने की कोशिश की तो उसने कुछ भी बताने से मना कर दिया | इसके बाद बस की एक सवारी जिसने नाम न छापने की शर्त पे बताया की ये बस दिल्ली से आ रही है , तथा ये सामान इसमें दिल्ली से ही रखा गया था | ये सामान बस में पैसेंजर लगेज के नाम पर रखा गया
है ताकि सामान पर लगने वाली कस्टम ड्यूटी की चपत लगायी जा सके | ये सब वाकया महज डांगियावास पुलिस थाने से महज 300-400 मीटर की दुरी पर हो रहा है | इसके ठीक दस मिनट बाद एक बस और आकर् रूकती है जिसको आप फोटो में देख सकते है
इस बस से सामान निकाल कर एक सफ़ेद रंग की बोलेरो में चढ़ाया जाता |
इन टैक्स चोरो का होसला तो देखो ये लोग पुलिस थाने से महज 400 मीटर के दायरे में अपने इस चोरी के हथकंडे को अंजाम देते है | शायद इन चोरो को डांगियावास पुलिस के ऊपर भरोसा है की इनके ऊपर कोई कार्यवाही नहीं की जाएगी | डांगियावास पुलिस के इसी सुस्त रवैये के कारण आये दिन कोई न कोई चोरी होती रहती है क्युकी चोर बेखोफ रहते है की पुलिस सो रहीहै | दोस्तों इस पोस्ट को इतना शेयर करो की डांगियावास पुलिस की नींद खुल जाये | मुझे तो डर है की पुलिस कही मेरे ऊपर ही डंडा न चला दे |
जय हिन्द




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