सौरभ पुरोहित
शहर को साफ-सुथरा रखने एवं स्वच्छ वातावरण बनाने में हमारी महिला सफाई कर्मचारियों की भूमिका सबसे अधिक महत्वपूर्ण है। निगम में एक हजार से ज्यादा महिला सफाई कर्मचारी सफाई व्यवस्था को संभाल रही हैं। शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर उन्होंने कहा कि इस बार स्वच्छता सर्वेक्षण में हमारा जोधपुर अव्वल आएगा। हम दिन में दो बार सड़कों को ऐसे साफ करती हैं, जैसे अपने घर की सफाई करती हैं। हमारे जोधपुर का मान बढ़े, इसलिए खुद ने भी सफाई व्यवस्था को सुधारने का संकल्प लिया है।
पांच साल से महिला सफाई कर्मचारी का कार्य कर रहीं अनिता कुमारी कहती हैं कि हमारा प्रयास यही रहता है कि घर में जैसी सफाई करते हैं, वैसी ही सफाई शहर की सड़कों की भी करें। ताकि हमारा शहर साफ-सुथरा नजर आए। कोरोना के दौरान भी सफाई के कार्य को नहीं छोड़ा। अब हमारा लक्ष्य यही है कि शहर को सफाई के मामले में नंबर वन लाएं। हमारी तो जनता से भी अपील है कि वे हमारे साथ शहर को साफ रखने में सहयोग दें। इससे जोधपुर स्वच्छता सर्वेक्षण में भी आगे बढ़ेगा। अब तो हमने सफाई करने के साथ लोगों को जागरूक करना का कार्य भी शुरू किया है। उसके अच्छे परिणाम भी सामने आए है।
छह वर्ष से निगम में महिला सफाई कर्मचारी के पद पर कार्यरत माया हंस ने बताया कि हमारी वार्ड प्रभारी काजोल के निर्देशन में सफाई के काम का स्टाइल बदला है। हमने दिन में दो बार सफाई कार्य शुरू किया है। जहां पूर्व में सफाई कम रहती थी, उन स्थानों पर विशेष फोकस रखा है, ताकि लोगों को साफ माहौल मिल सके। साथ ही हमारे शहर का मान भी बढ़ सके और स्वच्छता सर्वेक्षण में हमारा जोधपुर अव्वल आ सके। इस बारे हम सभी ने लोगों को जागरूक करने का कार्य भी शुरू किया है। इसके तहत वे सफाई कार्य के साथ-साथ लोगों को तरल व ठोस कचरे को अलग-अलग रखने के लिए जागरूक करती हैं।
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