PUSHKARNA COMMUNITY---यह है अनूठा स्वर्गाश्रम: जहां एफडी से चलता है मोक्ष धाम का खर्च

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जोधपुर।
सिवांची गेट िस्थत पुष्करणा समाज का मोक्ष धाम, एक बार तो आपको यहां आने पर यकीन ही नहीं होगा कि आप किसी स्वर्गाश्रम में आए है या किसी प्राकृतिक स्थल पर । यहां बाग-बगीचा, हॉल, व्यविस्थत फर्श, चारों तरफ विभिन्न प्रकार के पौधें, हरियाली, नलकूप, बैठने के लिए बैंचों आदि की व्यवस्था है।

सामाजिक सरोकारों की दिशा में पुष्करणा ब्राह्मण समाज अनोखा कार्य कर रहा है। जिसका उदाहरण है मृत्युंजय सेवा संस्थान, संस्थान ने अपने शैशव काल में सिवांची गेट स्थित समाज के मोक्ष धाम में चरमराती सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने व उसे सुचारु बनाए रखने का संकल्प लिया। नतीजतन, समाज हित में किए कार्यों की वजह से मोक्ष धाम आज गुलजार हो गया है। इतना ही नहीं, संस्थान ने भामाशाहों से प्राप्त सहयोग राशि को मोक्ष धाम के विकास कार्यो में लगाने के साथ कुछ राशि की एफडी करवा दी है, जिससे मोक्ष धाम का खर्च चलता रहे। इसके अलावा, मोक्ष धाम में सुरक्षा की दृष्टि से 16 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए है। मोक्ष धाम का रखरखाव करने वाली मृत्युंजय सेवा संस्थान का प्रादुर्भाव 7 फरवरी 2015 को हुआ था। हाल ही में इस संस्थान ने अपने कार्यों के 9 साल पूरे किए है।

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जलावन लकड़ी व अन्य सामग्री के लिए अनिवार्य शुल्क नहीं

स्वर्गाश्रम में अंतिम संस्कार के लिए जलावन लकड़ी सहित अन्य सामग्री के लिए अनिवार्य शुल्क नहीं लेकर स्वैच्छिक सहयोग लिया जा रहा है। 1 जुलाई 2019 से अब तक स्वैच्छिक सहयोग के आधार पर यह सामग्री मोक्ष धाम में ही उपलब्ध करवाई जा रही है। वर्ष 2019 से पहले अंतिम संस्कार के लिए अंतिम संस्कार के लिए जलावन लकड़ी व अन्य सामग्री के लिए एक निश्चित शुल्क का भुगतान करना पड़ता था।
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इन कार्यों ने मोक्ष धाम को बनाया अनूठा

- फर्श का निर्माण

- चारों दीवारों का निर्माण

- छतों का नवीनीकरण

- नलकूप की व्यवस्था

- अस्थि बैंक का निर्माण

- बैठने के लिए बेंच की व्यवस्था

- रंग रोगन की व्यवस्था

- आठ मोक्ष स्थल का नवीनीकरण

- दो नए मोक्ष स्थल का निर्माण

- दो बगीचों का निर्माण

- दो हॉल का नवीनीकरण

- दो सीढ़ियों का निर्माण

- दो सौ से ज्यादा पौधों का पौधरोपण

- बाल श्मशान का नवीनीकरण

- बॉडी फ्रिज की सुविधा

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निशुल्क अंतिम संस्कार की व्यवस्था भी
संस्थान के सचिव प्रमेन्द्र बोहरा ने बताया कि संस्थान का काम देखने के बाद समाज के भामाशाह संस्थान से जुड़ते गए। जो संस्थान को तन-मन व धन से सहयोग देते गए । स्वैच्छिक सहयोग के आधार पर संस्थान आर्थिक दृष्टि से कमजोर व्यक्तियों के अंतिम संस्कार निशुल्क भी करवाती है। संस्थान के अध्यक्ष रमेश कुमार जोशी ने अंतिम यात्रा की सम्पूर्ण सामग्री स्वैच्छिक सहयोग के आधार पर समाज में उपलब्ध कराई है।
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