बैंक के सहायक मैनेजर ने एक करोड़ का गबन कर शेयर में निवेश किए

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जोधपुर।
यूनियन बैंक ऑफ इण्डिया की बासनी व सोजती गेट में तकिया चांद शाह शाखा में 5-5 लाख रुपए लिमिट वाले करीब बीस से अधिक क्रेडिट कार्ड जारी करवाकर सहायक प्रबंधक ने 1.65 करोड़ रुपए डकार लिए। आरोपी ने रिश्तेदार व परिचितों के अलावा लोन आवेदन की रिजेक्ट होने वाली फाइलों से दस्तावेज हासिल कर यह क्रेडिट जारी करवाए गए थे और खरीदारी व विभिन्न बिलों का भुगतान करवाकर बदले में राशि लेकर हड़प कर ली थी। एक करोड़ से अधिक राशि बकाया होने पर बैंक प्रबंधन ने कार्ड होल्डर से सम्पर्क करने के लिए दस्तावेज खंगाले तो सभी में सहायक प्रबंधक के मोबाइल नम्बर सामने आए। तब गबन की पुष्टि हुई थी। बैंक ने सहायक मैनेजर को निलम्बित कर दिया है। उसने गबन की राशि शेयर बाजार में निवेश करने की स्वीकारोक्ति की है। (Union Bank of India Scam)
शास्त्रीनगर थानाधिकारी मोहम्मद शफीक खान ने बताया कि यूनियन बैंक ऑफ इण्डिया की सोजती गेट मुख्य शाखा के मुख्य प्रबंधक चेतन प्रकाश कुमावत ने बैंक के सहायक प्रबंधक आकाश वर्मा के खिलाफ एक करोड़ से अधिक राशि का गबन और धोखाधड़ी करने का मामला दर्ज कराया है। आरोपी सहायक प्रबंधक ने बैंक की बासनी व सोजती गेट के तकिया चांद शाह शाखा में पदस्थानापन्न के दौरान यह गबन किया था। पुलिस ने बैंक से घोटाले से जुड़े दस्तावेज मांगे हैं, लेकिन अभी तक पुलिस को मुहैया नहीं करवाए गए हैं।
भाई-भाभी, पत्नी, पिता व कस्टमरों के नाम से क्रेडिट कार्ड बनवाए
आरोपी सहायक प्रबंधक आकाश वर्मा ने बासनी शाखा से 1 करोड़ से अधिक और सोजती गेट तकिया चांद शाह शाखा से 65 लाख रुपए का गबन किया है। उसने भाई-भाभी, पत्नी, पिता व अन्य रिश्तेदारों के अलावा कस्टमर की लोन आवेदन की रिजेक्ट फाइलों से दस्तावेज चुराकर करीब बीस से अधिक क्रेडिट जारी जारी करवाए थे। इनका सत्यापन भी सहायक प्रबंधक ने ही किया था। सभी में 5-5 लाख रुपए की लिमिट स्वीकृत करवा दी थी। कार्ड के मार्फत विभिन्न खरीदारी के साथ ही बिलों का भुगतान किया गया। सभी क्रेडिट कार्ड की सम्पूर्ण लिमिट उपयोग में ले ली थी। जबकि बैंक में जमा कुछ नहीं करवाया गया था।
फर्जी क्रेडिट कार्ड में सहायक प्रबंधक के मोबाइल नम्बर
पुलिस का कहना है कि क्रेडिट कार्ड के एक करोड़ से अधिक रुपए बकाया होने का पता लगा तो बैंक ने ग्राहकों से सम्पर्क करने के लिए दस्तावेज चेक किए। सभी में मोबाइल नम्बर सहायक प्रबंधक आकाश वर्मा के लिखे हुए थे। जिससे उस पर संदेह हुआ। अनेक क्रेडिट कार्ड धारकों के रिकॉर्ड से दस्तावेज भी गायब होने का अंदेशा है। जो संभवत: आरोपी ने किए होंगे।
सीने में दर्द बताकर गायब हुआ सहायक मैनेजर
धोखाधड़ी व गबन उजागर होने पर बैंक प्रबंधन ने सहायक प्रबंधक आकाश वर्मा को मुख्य शाखा बुलाया, जहां वार्ता के दौरान बैंक ने पूरा मामला सामने रखा था। इस दौरान सीने में दर्द होने का बताकर आरोपी सहायक मैनेजर घर जाने के लिए बैंक से निकल गया था। एफआइआर दर्ज होने पर पुलिस ने घर पर दबिश दी, लेकिन आरोपी गायब हो चुका था।



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